शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान पद का चुनाव अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय में संपन्न हुआ। मतदान के बाद हुई मतगणना में शिरोमणि अकाली दल (बादल) समर्थित उम्मीदवार और मौजूदा प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने भारी अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर की उम्मीदवार बीबी जागीर कौर को हराते हुए अपनी चौथी लगातार जीत हासिल की। साल 2022 के चुनाव में भी धामी ने बीबी जागीर कौर को पराजित किया था।
एसजीपीसी की कुल 185 सदस्यीय समिति में से 31 सदस्य निधन के कारण अनुपस्थित रहे, और 6 अन्य ने इस्तीफा दे दिया था। शेष 148 में से 142 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया। हरजिंदर सिंह धामी को 107 वोट मिले, जबकि बीबी जागीर कौर को 33 वोट प्राप्त हुए। 2 वोट रद्द घोषित किए गए।
प्रधान के अलावा महासचिव, जूनियर उप प्रधान, सीनियर उप प्रधान और 11 कार्यकारिणी सदस्यों का चयन भी किया जाना था। चुनाव प्रक्रिया के बाद प्रधान की जीत के बाद अन्य पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किए जाने का प्रावधान है। इस चुनाव में पांच तख्तों के सिंह साहिबान की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, हालांकि उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है।
पूर्व एसजीपीसी अध्यक्ष और सिख पंथ की पहली महिला प्रधान बीबी जागीर कौर ने सदस्यों से स्वतंत्र रूप से वोट देने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सदस्य अकाल तख्त के प्रति समर्पण दिखाते हुए उनके पक्ष में मतदान करें, न कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रभाव में आएं।
1990 के दशक से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर बादल परिवार का प्रभाव रहा है। 1996 में स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के प्रधान बनने के बाद से एसजीपीसी पर उनका नियंत्रण बना हुआ था। हालांकि, हाल ही में पंजाब में अकाली दल के प्रभाव में कमी आई है, और पार्टी में भी मतभेद उभरकर सामने आए हैं। हाल ही में अकाल तख्त साहिब ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल को तनखैया घोषित किया है, और अकाली दल ने पंजाब की 4 सीटों पर हो रहे उपचुनावों में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है।
Harjinder singh dhami won the SGPC chief election, became chief for the fourth consecutive time