आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में धान की धीमी उठान किसानों के खिलाफ भाजपा की साजिश का हिस्सा है। अरोड़ा ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसानों को दंडित करने का तरीका है, जो तीन कृषि कानूनों के विरोध में खड़े हुए थे।
मंत्री ने पंजाब से खाद्यान्न भंडारण की धीमी प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, केंद्र जानबूझकर उठान में देरी कर रही है, जिससे किसानों और कमीशन एजेंटों को परेशानी हो रही है। अरोड़ा ने पंजाब के लोगों से बुधवार को भाजपा कार्यालय के घेराव में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया, ताकि सरकार तक किसानों की आवाज़ को मजबूती से पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के चलते गोदामों में ताज़ा अनाज रखने की जगह नहीं है, जिससे किसान, श्रमिक, कमीशन एजेंट और व्यापारी सभी प्रभावित हैं।
सोमवार को आप के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और केंद्र से इस समस्या को हल करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की।
पंजाब के चावल मिलर्स ने भी धान की मिलिंग शुरू करने से इनकार कर दिया है और पीआर-126 किस्म व अन्य संकर किस्मों के आउट-टर्न रेशियो पर चिंता जताई है। मिलर्स का कहना है कि इस नीति से उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
धान की उठान प्रक्रिया में तेजी लाने और गेहूं व चावल के पुराने स्टॉक को हटाने की मांग ने पंजाब में राजनीतिक और आर्थिक संकट को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें राज्य सरकार और किसानों की ओर से केंद्र पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
Political war over delay in paddy lifting in punjab, Aman arora attacks bjp