आंध्र प्रदेश सरकार गौतम अदानी और उनके समूह पर अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों के मद्देनजर 7,000 मेगावाट सौर ऊर्जा के लिए बिजली खरीद समझौते (PPA) की समीक्षा कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार केंद्र और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) से इस मामले की गहन जांच की मांग करने की योजना बना रही है।
नवंबर 2021 में पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में SECI के जरिए सौर ऊर्जा खरीद का उद्देश्य किसानों को दिन में नौ घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना था। आंध्र प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (APERC) ने इस योजना को मंजूरी दी थी। आरोपों के चलते अब इस समझौते पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी और अन्य पर SEC ने $265 मिलियन रिश्वतखोरी योजना में भारतीय अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। आरोपों के अनुसार, यह रिश्वतखोरी 2021 की परियोजनाओं और अमेरिकी निवेशकों से धन जुटाने से जुड़ी थी। अदानी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
फ्रांस की TotalEnergies ने अदानी समूह में आगे निवेश रोकने का ऐलान किया है। केन्या सरकार ने अदानी समूह से जुड़ी $2.5 बिलियन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। अमेरिकी विकास एजेंसी श्रीलंका बंदरगाह परियोजना पर रिश्वतखोरी के आरोपों के प्रभावों का मूल्यांकन कर रही है।
रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद अदानी एंटरप्राइजेज और अदानी पोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले सप्ताह के दौरान 20-30% तक लुढ़क गए।
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अदानी समूह की सात कंपनियों का दृष्टिकोण स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है। यह कदम संभावित कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी जोखिमों को उजागर करता है।
अदानी समूह ने केन्या में किसी भी सौदे के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि TotalEnergies के साथ कोई नई वित्तीय प्रतिबद्धता नहीं है।
यह मामला भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अदानी समूह की छवि और कारोबार पर गहरा असर डाल सकता है। आंध्र प्रदेश सरकार का अगला कदम इस मामले को और अधिक रोचक बना सकता है।
Bribery allegations against adani group, Andhra pradesh government to review power agreement