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गौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल की चुनौती, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में असफलता पर हो सकते हैं बाहर

Gautam gambhir coaching tenure is a challenge, he may be out if he fails in border-gavaskar trophy
Gautam gambhir coaching tenure is a challenge, he may be out if he fails in border-gavaskar trophy
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गौतम गंभीर का टीम इंडिया के साथ कोचिंग कार्यकाल कठिन दौर से गुजर रहा है। हाल ही में भारत ने घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना किया, जिसके बाद गंभीर पर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। घरेलू धरती पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 0-3 से क्लीन स्वीप ने गंभीर की कोचिंग पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, और आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उनके लिए करो या मरो की स्थिति बन गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे में अच्छा प्रदर्शन नहीं करता है, तो बीसीसीआई गंभीर को टेस्ट कोच पद से हटाकर व्हाइट-बॉल टीम का कोच बनाने पर विचार कर सकता है। ऐसी स्थिति में, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को टेस्ट कोच की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगर बीसीसीआई अलग-अलग प्रारूपों के लिए अलग कोचिंग स्टाफ नियुक्त करता है, तो यह भारतीय क्रिकेट में स्प्लिट कोचिंग की शुरुआत होगी।

भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 4-0 या 5-0 से जीत दर्ज करनी होगी। इस साल लंदन के लॉर्ड्स में खेले जाने वाले फाइनल में भारत की जगह सुनिश्चित करने के लिए यह जीत जरूरी है। अगर भारत ऑस्ट्रेलिया में दो मैच जीतता है, तो भी फाइनल में क्वालीफाई की गारंटी नहीं है और अन्य टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर होना पड़ेगा।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-3 से मिली हार के बाद बीसीसीआई ने कोच गंभीर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और कप्तान रोहित शर्मा के साथ छह घंटे लंबी बैठक की। बैठक में गंभीर और टीम के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के बीच टर्निंग ट्रैक के चयन को लेकर मतभेद की खबरें सामने आईं। टीम ने पर्थ में होने वाले अभ्यास मैच को भी रद्द कर दिया है और इसकी जगह सेंटर विकेट पर मैच सिमुलेशन का विकल्प चुना है।

22 नवंबर को पर्थ में शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंभीर के कोचिंग भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

  Gautam gambhir coaching tenure is a challenge, he may be out if he fails in border-gavaskar trophy