वाणिज्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पेट्रोलियम, रत्न-आभूषण, कृषि रसायन और चीनी जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों ने वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इन क्षेत्रों में भारत की सफलता ने वैश्विक बाजार में उसकी उपस्थिति को और भी मजबूत किया है।
रत्न और आभूषणों के निर्यात में भारत का योगदान 2018 में 16.27% था, जो 2023 में बढ़कर 36.53% हो गया है। इसके साथ ही, इस श्रेणी में निर्यात $0.26 बिलियन से $1.52 बिलियन तक पहुंच गया, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान मिल गया है। इस उपलब्धि का श्रेय भारत की उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता और कुशल आपूर्ति श्रृंखला को दिया जा सकता है।
गन्ना और चुकंदर से बनी चीनी के निर्यात में भारत ने जबरदस्त प्रगति की है। 2018 में $0.93 बिलियन का निर्यात 2023 में बढ़कर $3.72 बिलियन हो गया। वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 4.17% से बढ़कर 12.21% हो गई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक बन गया है। इस सफलता के पीछे अनुकूल कृषि नीतियों और मजबूत उत्पादन आधार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिससे विशेषकर दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीका के बाजारों में भारत को लाभ हुआ है।
भारत ने कीटनाशकों और कवकनाशकों के क्षेत्र में भी बढ़त हासिल की है। 2018 में भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 8.52% थी, जो 2023 में 10.85% हो गई। निर्यात भी $4.32 बिलियन तक पहुंच गया है। भारत की अंतरराष्ट्रीय कृषि और पर्यावरण मानकों को पूरा करने की क्षमता ने इस क्षेत्र में उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा दिया है, और अब वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
भारत ने रबर न्यूमेटिक टायरों के निर्यात में भी अच्छी प्रगति की है। 2018 में $1.82 बिलियन का निर्यात 2023 में बढ़कर $2.66 बिलियन हो गया। इस क्षेत्र में भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 2.34% से बढ़कर 3.31% हो गई है, और वह अब वैश्विक स्तर पर 13वें स्थान से आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
सेमीकंडक्टर और फोटोसेंसिटिव उपकरणों में भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है। 2018 में मात्र $0.16 बिलियन का निर्यात 2023 में $1.91 बिलियन तक पहुंच गया, जिससे भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 1.4% हो गई। इस क्षेत्र में भारत ने 25वें स्थान से उछलकर 9वें स्थान पर कब्जा किया है, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत की प्रमुख भूमिका निभाने की क्षमता को दर्शाता है।
भारत की इस निर्यात सफलता का श्रेय सरकार की सक्रिय नीतियों, नए बाजारों की खोज, उत्पादन क्षमताओं में वृद्धि और गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दिया जा सकता है।
India global share in petroleum, gems and sugar exports rises in last 5 years