डीएवी कॉलेज जालन्धर में व्याख्यान भाषण प्रतियोगिता व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया
Latest News Alerts
Choose News Alerts
(राजू सेठ) गत दिनों डीएवी कॉलेज जालन्धर के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के द्वारा कालिदास संस्कृत परिषद् के तत्त्वावधान में व्याख्यान,भाषण प्रतियोगिता व चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।'संस्कृत और पंजाबी भाषा का अन्त:संबंध और वर्तमान में संस्कृत की स्थिति' विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में गुरु विरजानन्द महाविद्यालय गुरुकुल करतारपुर के प्राचार्य व गुरु विरजानन्द स्मारक के संरक्षक डॉ उदयन आर्य उपस्थित हुए।प्राचार्य डॉ राजेश कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।विभागाध्यक्षा प्रो.ऋतु तलवाड़ ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
प्राचार्य डॉ राजेश कुमार ने कहा कि सभी भारतीय भाषाओं की जननी होने का गौरव संस्कृत को प्राप्त है,इसलिए सभी को इस भाषा के अन्य भाषाओं से संबंध विशेषतः मां बोली पंजाबी पर संस्कृत के प्रभाव के विषय में जानना चाहिए।
मुख्य वक्ता डॉ आर्य ने संस्कृत को मातृभाषा और सब भाषाओं की जननी होने के पीछे कारण बताया कि किसी भी भाषा को मातृभाषा का दर्जा तभी प्राप्त हो सकता है,यदि वह अपने से अन्य भाषा उत्पन्न कर सके।उन्होंने पंजाबी भाषा और अन्य भाषाओं में प्रयुक्त असंख्य ऐसे शब्दों के उदाहरण प्रस्तुत किए जो संस्कृत से लिए गए हैं।उन्होंने कहा कि पंजाबी और हिन्दी भाषाएं संस्कृतनिष्ठ शब्दों के प्रयोग से विलक्षण प्रभावशाली बनती हैं।
संस्कृत भारती के कार्यकर्ता आचार्य भगवती प्रसाद ने अपने वक्तव्य में कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं है अपितु वेदवाणी होने के साथ-साथ वैदिक गणित, अर्थशास्त्र,भौतिकी,रसायनशास्त्र,काव्यशास्त्र नाट्यशास्त्र,दर्शन,आयुर्वेद,ललित कलाएं,मानवीयमूल्य,नीतिशास्त्र,प्रबंधन शास्त्र जैसे विषयों के ज्ञान का भण्डार है।
इस अवसर पर छात्रों ने गुरु-शिष्य की आदर्श परम्परा की संवाहक भारतीय संस्कृति से सम्बन्धित भव्य संस्कृत चित्र प्रदर्शनी प्रदर्शित की।भाषण प्रतियोगिता में छात्रों ने महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के समाज सुधार एवं नारी उत्थान में योगदान तथा भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य आदर्श संबंध विषयों पर अपनी भाषण कला का प्रदर्शन किया।चित्रावली प्रदर्शन और भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया।मंच संचालन की भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम के संयोजक प्रो.विवेक शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ.अशोक खुराना,हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो.सन्दीपना शर्मा,डॉ बलवेन्द्र सिंह,प्रो.मोनिका,प्रो.साहिल,प्रो.रजनी,प्रो.अंकिता,प्रो.दिव्या,प्रो.रघु विशेष रूप से उपस्थित रहे।
Lecture, speech competition and exhibition organized in DAV College Jalandhar