भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सातवें इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड इश्यू से 10,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसके साथ चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंक का कुल फंड 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
एसबीआई ने एक बयान में बताया कि वित्त वर्ष 2025 तक, बैंक ने 5,000 करोड़ रुपये के एटी1 (अडिशनल टियर 1) बॉन्ड, 15,000 करोड़ रुपये के टियर 2 बॉन्ड और 30,000 करोड़ रुपये के लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स जारी किए हैं। इन बॉन्ड्स को प्रतिस्पर्धी दरों पर जारी किया गया है और इन सभी इश्यूज को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। प्रत्येक इश्यू को संबंधित बेस इश्यू साइज के मुकाबले 2 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्राइब किया गया।
एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय स्टेट बैंक में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि व्यापक भागीदारी और बोलियों की विविधता ने निवेशकों के भरोसे को प्रदर्शित किया है। इन बॉन्ड्स में निवेश करने वाले प्रमुख निवेशकों में भविष्य निधि, पेंशन फंड, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड और बैंक शामिल थे।
इन बॉन्ड्स की अवधि 15 साल की है, सिवाय AT1 बॉन्ड के, जो शाश्वत (Perpetual) हैं।
इससे पहले, पिछले महीने SBI ने अतिरिक्त टियर 1 (AT1) बॉन्ड्स के माध्यम से भी फंड जुटाया था।
एसबीआई का यह कदम बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
SBI raises rs 50,000 crore by issuing bonds in FY 2025