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डीएवी कॉलेज, जालंधर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इसके अनुप्रयोगों पर छह दिवसीय फैकल्टी डिवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया।

DAV College Jalandhar Organizes Six-Day Faculty Development Program on Artificial Intelligence and Its Applications
DAV College Jalandhar Organizes Six-Day Faculty Development Program on Artificial Intelligence and Its Applications
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डीएवी कॉलेज, जालंधर में 16-21 दिसंबर, 2024 तक "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इसके अनुप्रयोगों" विषय पर आयोजित छह दिवसीय अटल-एआईसीटीई प्रायोजित फैकल्टी डिवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कॉलेज उप प्राचार्य डॉ. एस.के. तुली ने शिक्षा और अनुसंधान के भविष्य को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समन्वयक डॉ. पी.के. शर्मा, सह-समन्वयक डॉ. राजीव पुरी, उनकी पूरी टीम और सभी प्रतिभागियों को एफडीपी के सफलतापूर्वक समापन पर बधाई दी। एफडीपी को प्रतिभागियों से बहुत बढ़िया प्रतिक्रिया मिली, प्रतिभागियों ने समृद्ध सत्र देने वाले विशेषज्ञों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सामग्री की गुणवत्ता और व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने सत्रों के सुचारू संचालन और एफडीपी की बेहतरीन व्यवस्थाओं के लिए आयोजन टीम के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस छह दिवसीय एफडीपी में डॉ अशोक शर्मा, सहायक प्रोफेसर, जम्मू विश्वविद्यालय, प्रो. (डॉ) प्रशान्त सिंह राणा, थापर इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रो. (डॉ) ए के वर्मा, थापर इंजीनियरिंग कॉलेज, डॉ मुनीश जिंदल, सह प्रोफेसर, एम आर एस पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय बठिंडा, डॉ निश्चय बहल, सह प्रोफेसर, डीएवी कॉलेज, जालंधर, डॉ चंद्र प्रकाश, सह प्रोफेसर, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, ने बतौर विषय विशेषज्ञ शिरकत की। सह-समन्वयक डॉ. पुरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ एफडीपी का समापन हुआ, जिसमें उन्होंने अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों और कार्यक्रम के सफल निष्पादन में शामिल सभी सदस्यों के प्रति धन्यवाद प्रकट किया। डॉ. पुरी ने विशेष रूप से एआई के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के साथ बने रहने के लिए व्यावसायिक विकास के अवसरों की निरंतर आवश्यकता पर भी बल दिया। छह दिवसीय एफडीपी संकाय को उनके शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।