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जालंधर पहुंचे DGP गौरव यादव: सिटी-देहात के अधिकारियों और SHO के साथ बैठक में सुरक्षा पर चर्चा|

DGP Gaurav Yadav Jalandhar police meeting security review
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पंजाब के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) गौरव यादव ने हाल ही में जालंधर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सिटी और देहात के पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की स्थिति और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।

गौरव यादव ने बैठक के दौरान जालंधर जिले के थाना प्रभारियों (SHO) से खास बातचीत की और शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया कि वे अपराधों पर कड़ी निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए अपनी रणनीतियों को और सख्त करें।

डीजीपी यादव ने इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पुलिस को विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस गश्त की संख्या बढ़ाने और डिजिटल निगरानी को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

गौरव यादव ने इस बैठक में पुलिस अधिकारियों को नई तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पुलिस को आधुनिक उपकरणों और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाने की भी सलाह दी और उन्हें जनता के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के महत्व को बताया|

डीजीपी यादव ने पुलिस अधिकारियों से यह भी कहा कि उन्हें जनता का विश्वास जीतने के लिए अपने व्यवहार और कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाने का निर्देश दिया कि पुलिस की छवि जनता के बीच सकारात्मक बनी रहे।

गौरव यादव का जालंधर दौरा यह दर्शाता है कि राज्य में सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन कितनी गंभीरता से काम कर रहा है। उनका यह दौरा न केवल सुरक्षा की स्थिति का जायजा लेने के लिए था, बल्कि यह पुलिस बल को नए सुधारों के तहत बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास भी था। इस तरह की बैठकें न केवल अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल की नींव रखती हैं, बल्कि अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत रणनीति बनाने में भी मदद करती हैं।