भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है। विवाद महिंद्रा की आगामी इलेक्ट्रिक कार BE 6E में 6E का उपयोग करने को लेकर है, जिसे फरवरी 2025 में लॉन्च किया जाना है।
यह मामला, इंटरग्लोब एविएशन बनाम महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड, मंगलवार को न्यायमूर्ति अमित बंसल के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, न्यायमूर्ति बंसल ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया, जिसके बाद अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
इंडिगो ने अपने कानूनी तर्क में कहा कि 6E एयरलाइन की ब्रांड पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इंडिगो इसी कॉलसाइन के तहत विभिन्न सेवाएं जैसे 6E प्राइम, 6E फ्लेक्स और 6E ऐड-ऑन प्रदान करती है। एयरलाइन ने 2015 में 6E लिंक को कई श्रेणियों में ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत कराया था, जिनमें शामिल हैं:
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इंडिगो की कानूनी टीम, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी और इरा लॉ के अधिवक्ता शामिल हैं, ने तर्क दिया कि महिंद्रा द्वारा 6E के उपयोग से उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं और इससे इंडिगो की ब्रांड पहचान को नुकसान हो सकता है।
महिंद्रा को हाल ही में ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार से श्रेणी 12 के तहत BE 6E पंजीकृत करने की मंजूरी मिली है, जिसमें दोपहिया वाहनों को छोड़कर मोटर वाहनों की विस्तृत श्रृंखला शामिल है। हालांकि, इंडिगो ने इस पंजीकरण को चुनौती दी है।
इंडिगो के वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने अदालत को सूचित किया कि महिंद्रा ने इस मुद्दे को हल करने के लिए एयरलाइन से बातचीत शुरू कर दी है।
इस मुकदमे से भारत में बौद्धिक संपदा कानून के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम हो सकती है। खासकर जब विभिन्न उद्योगों में ट्रेडमार्क के ओवरलैप का सवाल उठता है।
इस मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
Indigo objects to mahindra new electric car BE 6E, case in delhi high court