रविवार की शाम एयर इंडिया की फ्लाइट AI2820 के यात्रियों के लिए एक बेहद डरावना अनुभव बन गया, जब विमान का एक इंजन हवा में ही बंद हो गया। फ्लाइट ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 150 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। गनीमत रही कि फ्लाइट की आपातकालीन लैंडिंग के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
फ्लाइट टेक-ऑफ के कुछ समय बाद ही पायलट्स ने महसूस किया कि विमान का एक इंजन काम नहीं कर रहा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, फ्लाइट को तुरंत बेंगलुरु हवाई अड्डे पर वापस लाने का निर्णय लिया गया। एक घंटे तक विमान ने बेंगलुरु के ऊपर चक्कर लगाया और फिर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
फ्लाइट में सवार यात्री इस घटना के बाद बेहद घबराए हुए थे, लेकिन इमरजेंसी लैंडिंग के बाद उन्होंने एयरलाइन और पायलट्स की तारीफ की। "हमने सोचा था कि अब हमारी जिंदगी खत्म हो जाएगी, लेकिन पायलट्स की सूझबूझ से हम सुरक्षित हैं," एक यात्री ने कहा।
वहीं, तुर्किये एयरलाइंस की एक और घटना मंगलवार सुबह सामने आई। इस्तांबुल से कोलंबो जा रही एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायवर्ट करना पड़ा।
299 यात्रियों के साथ फ्लाइट सुरक्षित उतरी
इस फ्लाइट में 10 क्रू मेंबर्स और 299 यात्री सवार थे। विमान ने सुबह 6:51 बजे तिरुवनंतपुरम में सुरक्षित लैंडिंग की। तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (टीआईएएल) के एक अधिकारी ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और मौसम साफ होते ही फ्लाइट को कोलंबो के लिए रवाना किया जाएगा।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित किया है कि हवाई यात्रा में सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। चाहे इंजन फेलियर हो या खराब मौसम, पायलट्स और एयरलाइंस की त्वरित कार्रवाई और अनुभव यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।