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विदेश यात्रा करने वालों के लिए सरकार का नया नियम: जानें इसके प्रभाव और कारण |

"Big decision by the government for those traveling abroad: Failure to do this will result in a fine."
"Big decision by the government for those traveling abroad: Failure to do this will result in a fine."
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कीवर्ड: विदेश यात्रा के लिए सरकार के नए नियम

भारत सरकार ने विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किए गए हैं। अप्रैल से लागू होने वाले इन नियमों में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से।

केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों से जुड़ी कई निजी जानकारियां एकत्रित की जाएंगी। इसमें शामिल हैं:

  1. यात्रा का विवरण: यात्री कब, कहां और कैसे यात्रा कर रहे हैं।
  2. खर्च का विवरण: यात्रा का खर्च किसने और कैसे उठाया।
  3. सामान की जानकारी: यात्री कितने बैग लेकर यात्रा कर रहे हैं।
  4. सीट नंबर: यात्री विमान में किस सीट पर बैठे हैं।

डेटा संग्रहण और साझाकरण

  • यह जानकारी पांच साल तक सुरक्षित रखी जाएगी।
  • आवश्यकता पड़ने पर यह डेटा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।

सभी एयरलाइन्स को इन नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इसे सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है। सीमा शुल्क विभाग (Customs Department) इस डेटा का विश्लेषण करके संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाएगा।

उदाहरण के लिए:

  • अगर किसी यात्री की यात्रा योजना या खर्च करने का तरीका असामान्य दिखता है, तो उसकी तुरंत जांच शुरू कर दी जाएगी।

सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय रूट पर चलने वाली एयरलाइन्स को NCTC-PAX पोर्टल पर 10 जनवरी 2025 तक पंजीकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद:

  • 10 फरवरी 2025 से कुछ एयरलाइन्स के साथ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डेटा साझा करना शुरू किया जाएगा।
  • अप्रैल 2025 से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।

यह पहल डाटा कलेक्शन नियम 2022 का हिस्सा है, जिसे अब अनिवार्य बना दिया गया है।

क्या होंगे इन नियमों के प्रभाव?

  1. सुरक्षा में बढ़ोतरी: यात्रियों पर कड़ी निगरानी से तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों को रोका जा सकेगा।
  2. यात्रियों की जिम्मेदारी: यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी स्पष्ट और वैध रूप से प्रस्तुत करनी होगी।
  3. व्यवस्था में सुधार: पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से सरकार इन नियमों को और बेहतर बनाएगी।

भारत सरकार द्वारा यात्रियों की जानकारी एकत्र करने का यह कदम सुरक्षा बढ़ाने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए है। हालांकि यह प्रक्रिया यात्रियों के लिए थोड़ी जटिल लग सकती है, लेकिन यह राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक है। यात्रियों को अब इन नियमों का पालन करते हुए अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।