सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस बैठक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को एक जन आंदोलन में बदलना है।
जिला प्रशासकीय परिसर में आयोजित बैठक में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को, नगर निगम और अन्य विभागों के साथ मिलकर अधिक से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, ट्रक यूनियनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कैम्प/सेमिनार आयोजित किए जाएं।
इसके अलावा, डॉ. अग्रवाल ने एसडीएम से अपने-अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियाँ चलाने को भी कहा। उन्होंने आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम और नगर परिषदों को सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएसपीसीएल अधिकारियों से सड़क पर लटकी या नंगी तारों को तुरंत ठीक करने को कहा ताकि हादसों से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त, डॉ. अग्रवाल ने नगर निगम को सड़कों पर पैचवर्क करने के निर्देश भी दिए।
छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डॉ. अग्रवाल ने सुरक्षित स्कूल वाहन नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्कूली वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे उतरें। उन्होंने क्षमता से अधिक छात्रों को ले जाने वाले ऑटो और अन्य वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए और छात्रों के अभिभावकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।