प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला के दौरान 19 जनवरी को लगी आग की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकवादी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने ली है। इस संगठन ने मंगलवार को मीडिया संस्थानों को एक ईमेल भेजकर दावा किया कि यह घटना पीलीभीत के फेक एनकाउंटर का बदला लेने के लिए की गई है।
19 जनवरी को महाकुंभ मेला परिसर में एक भयानक आग ने मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी थी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के इस दावे ने मामले को आतंकी कनेक्शन से जोड़ दिया है।
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स द्वारा भेजे गए ईमेल में साफ तौर पर कहा गया है कि इस आग की घटना को पीलीभीत फेक एनकाउंटर का प्रतिशोध माना जाए। 23 दिसंबर 2024 को हुए इस एनकाउंटर में पुलिस ने कथित तौर पर कई संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया था, जिसके बाद इस घटना ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया था। KZF ने इसे एक बदला हुआ कदम बताया।
इस दावे के बाद, पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खालिस्तानी संगठन के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है, खासकर उत्तर भारत में। अधिकारियों ने सुरक्षा बढ़ाने के उपायों को लागू किया है और मेला स्थल के आसपास की निगरानी को सख्त कर दिया गया है।
संभावित प्रभाव
अगर यह दावा सही पाया जाता है, तो यह पूरे देश में सुरक्षा पर गहरी चिंता पैदा कर सकता है। खालिस्तान आंदोलन और आतंकवादी संगठनों की बढ़ती गतिविधियां समाज में भय और अस्थिरता का कारण बन सकती हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को इस चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर रहना होगा।
महाकुंभ मेला में लगी आग को खालिस्तानी संगठन द्वारा बदला लेने की कार्रवाई बताया गया है, जो न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सवाल है, बल्कि पूरे देश में आतंकवाद और उसके फैलाव पर चिंता को भी उजागर करता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस चुनौती का सामना कैसे करता है और क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।