शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अभिनेत्री कंगना रनौत की आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक आधिकारिक पत्र लिखकर फिल्म पर राज्य में प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि फिल्म सिख इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करती है, जिससे समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं और समाज में अशांति फैलने की आशंका है।
हरजिंदर धामी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि अगर यह फिल्म पंजाब में रिलीज होती है, तो इससे सिख समुदाय में व्यापक गुस्सा और विरोध उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि सिखों की संवेदनाओं की रक्षा करते हुए इस फिल्म को राज्य में रिलीज होने से रोका जाए। SGPC ने इस मुद्दे पर सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को भी पत्र भेजा है।
SGPC ने अपने पत्र में चेतावनी दी है कि यदि 'इमरजेंसी' को पंजाब में रिलीज किया गया, तो वह इसका पुरजोर विरोध करेगी। संगठन ने कहा कि सिख इतिहास के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। SGPC ने यह भी कहा कि समुदाय की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को विकृत रूप में प्रस्तुत करना अस्वीकार्य है, और इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
SGPC ने सरकार से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि ऐसी कोई भी फिल्म जो सिख इतिहास को गलत तरीके से दिखाती हो, उसे राज्य में प्रदर्शित करने की अनुमति न दी जाए। संगठन ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वह फिल्म के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।
इस विवाद ने 'इमरजेंसी' फिल्म को लेकर पहले से ही गर्माए माहौल को और अधिक तूल दे दिया है। अब यह देखना बाकी है कि राज्य सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।