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भीषण भूकंप से तबाही: तिब्बत, भारत, नेपाल और चीन में 100 से अधिक लोगों की मौत |

Devastating 7.1 Magnitude Earthquake Strikes Tibet: 100+ Dead, Major Destruction
Devastating 7.1 Magnitude Earthquake Strikes Tibet: 100+ Dead, Major Destruction
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मंगलवार सुबह तिब्बत में आए भीषण भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। 7.1 तीव्रता वाले इस भूकंप ने 100 से अधिक लोगों की जान ले ली और 1,000 से अधिक इमारतों को पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। भूकंप का केंद्र तिंगरी काउंटी में था, जहां भारी तबाही दर्ज की गई। इस भूकंप के झटके नेपाल और भारत के उत्तरी हिस्सों में भी महसूस किए गए।

यह भूकंप सुबह 6:35 बजे राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) द्वारा दर्ज किया गया। इसका केंद्र तिंगरी काउंटी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में था, जो माउंट एवरेस्ट से 75 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। इसके बाद दो आफ्टरशॉक्स भी आए, जिनमें से एक 4.7 तीव्रता का था जो 7:02 बजे और दूसरा 4.9 तीव्रता का 7:07 बजे आया।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर मापी, जबकि चीन ने इसकी तीव्रता 6.8 दर्ज की। तिंगरी काउंटी, जहां 62,000 लोग निवास करते हैं, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है।

चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी द्वारा साझा की गई वीडियो में नष्ट हुए घर, मलबे से भरी सड़कें, और क्षतिग्रस्त दीवारें दिखीं। ल्हात्से काउंटी के आसपास की दुकानों, छतों और वाहनों को भी भारी नुकसान हुआ। सड़कों पर मलबा बिखरा हुआ देखा गया, जो इस आपदा की भयावहता को बयां करता है।

इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से बनी है, जो हिमालय को उठाने का कारण भी है। 2015 में इसी क्षेत्र में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने नेपाल में लगभग 9,000 लोगों की जान ले ली थी।

इस भूकंप के झटके भारत के सिक्किम, उत्तराखंड और भूटान में भी महसूस किए गए। हालांकि, भारत में फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और आवश्यक तैयारी कर रहा है।

चीन में स्थिति और बचाव कार्य

चीन के तिंगरी काउंटी में अब तक 62 लोग घायल हुए हैं और बड़े पैमाने पर संरचनात्मक नुकसान हुआ है। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) ने कहा है कि यह पिछले पांच वर्षों में 200 किलोमीटर के दायरे में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

आपदा प्रबंधन की आवश्यकता

यह भूकंप एक बार फिर यह याद दिलाता है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में मजबूत संरचनाओं का निर्माण और आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना कितना महत्वपूर्ण है। भारत और चीन जैसे देशों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारी बढ़ानी चाहिए।

तिब्बत में आया यह भूकंप पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। हालांकि, समय पर राहत और बचाव कार्य अधिक जान-माल के नुकसान को रोकने में सहायक हो सकते हैं। पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस कठिन समय में एकजुट होकर सहायता प्रदान करनी चाहिए।