(राजू सेठ ) डीएवी कॉलेज के पंजाबी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दविन्द्रपाल मंड 32 वर्षों के अध्यापन कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए।औपचारिक विदाई समारोह की शुरुआत स्टाफ सचिव डॉ.दिनेश अरोड़ा के स्वागत भाषण से हुई। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार,वरिष्ठ उप प्राचार्य डॉ एस.के.तुली,उप प्राचार्य डॉ कुँवर राजीव,रजिस्ट्रार प्रो.सोनिक दानिया और एलएसी सदस्य डॉ नवीन सूद ने डॉ दविन्द्रपाल मंड को प्रतीक चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया।इस अवसर पर डॉ मंड की पत्नी श्रीमती सुनीता पाल,बेटा रोज़र,बेटीयां रोमिला व सृजना तथा दामाद नितिन भार्गव,अन्य पारिवारिक सदस्य,उनके मित्र,स्टाफ सदस्य,पंजाबी विभाग के पूर्व अध्यापक,पुराने विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने डॉ मंड को उनकी सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं और उनकी सेवा के दौरान ईमानदारी,प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत के साथ काम करने के लिए उनकी प्रशंसा की। पंजाबी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुखदेव सिंह रंधावा ने विदाई भाषण में अकादमिक उत्कृष्टता के लिए डॉ मंड की अटूट प्रतिबद्धता और कॉलेज समुदाय पर उनके गहन प्रभाव पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर डॉ मंड के श्रेष्ठ कथा संग्रह ‘कथा सागर’ का विमोचन किया गया। डॉ मंड ने अध्यापन के साथ साथ कॉलेज में डीन अनुशासन कमेटी,प्रोग्राम इंचार्ज एनएसएस,पीआरओ,डिप्टी डीन परीक्षा, सदस्य ईएमए,इंचार्ज हॉकी टीम,संचालक पंजाबी साहित्य सभा,सदस्य रेगिंग कमेटी,उप संपादक कॉलेज पत्रिका ‘रवि’, सदस्य क्रय समिति के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने भाषण में डॉ मंड ने कॉलेज प्रबंधन, संकाय और छात्रों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कार्यकाल की मधुर स्मृतियों को याद किया।उन्होंने संस्थान की प्रशंसा व्यक्त की जो उनके पूरे करियर में उनका दूसरा घर रहा।उन्होंने कहा कि संघर्षपूर्ण जीवन में चुनौतियों का सामना करके इस मुकाम को हासिल किया है,जो एक सुखद एहसास है।कार्यक्रम का समापन संयुक्त स्टाफ सचिव,डॉ पुनीत पुरी के धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ।
Dr Davinder Pal Mand of DAV College Jalandhar retiresडीएवी कॉलेज जालंधर के डॉ दविन्द्र पाल मंड हुए सेवानिवृत्त