जालंधर: भोगपुर की शुगर मिल से उठती सजावट और उड़ती राख को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से मिल को बंद कर CNG प्लांट के लिए रास्ता बना रही है।
जालंधर के भोगपुर में स्थित शुगर मिल से निकलने वाले धुएं और राख की वजह से स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं। डिप्टी कमिश्नर ने इस पर सख्त निर्देश जारी किए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस नेता और एडमपुर से विधायक सुख साहिल सिंह कोटली ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
विधायक कोटली का आरोप:
🛑 सरकार मिल को बंद कर CNG प्लांट स्थापित करने की कोशिश कर रही है। 🛑 शुगर मिल किसानों और मजदूरों की आजीविका का आधार है, इसे जबरदस्ती बंद किया जा रहा है। 🛑 सरकार की नीतियां किसानों और मजदूरों के खिलाफ हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
भोगपुर शुगर मिल विवाद को लेकर जिला प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं। मिल से निकलने वाली राख और प्रदूषण की वजह से स्थानीय लोग परेशान हैं, इसी कारण मिल को प्रदूषण मानकों के तहत लाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
मिल में काम करने वाले कर्मचारियों और किसानों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि यदि मिल बंद होती है, तो उनकी रोज़गार पर खतरा मंडराने लगेगा।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या कदम उठाती है और क्या कांग्रेस के आरोपों में कोई सच्चाई सामने आती है या नहीं।