डी.ए.वी.कॉलेज जालंधर के प्रेमचंद हिन्दी साहित्य परिषद् स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग द्वारा अनुवाद एवं विज्ञापन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में अंग्रेजी शब्दों का हिन्दी अनुवाद ,पंजाबी अनुच्छेद का हिन्दी अनुवाद एवं विज्ञापन लेखन का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग साठ विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। वैश्वीकरण के युग को अनुवाद एवं विज्ञापन का युग कहा जाता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आधुनिक युग में विद्यार्थियों को अनुवाद एवं विज्ञापन लेखन में पारंगत करना था। आज विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, देशों ,समुदायों, वर्गों में परस्पर संवाद बढ़ रहा है। इसके साथ ही अनुवाद का महत्व भी बढ़ गया है। शैक्षणिक,व्यवसायिक,सामाजिक, सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में अनुवाद अपनी मुख्य भूमिका निभा रहा है। विश्व बाजार की इस दौड़ में विज्ञापन की आज सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को रोज़गारोन्मुख बनाया जा सकता है। यह प्रतियोगिता दो भागों में थी ,जिसमें अनुवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंशु(बी.ए- द्वितीय),दि्वतीय स्थान दीपक कुमार (बी.ए- द्वितीय), तृतीय स्थान पूजा पाल(एम.ए - प्रथम) ने प्राप्त किया। विज्ञापन लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तनिष्का (बीएससी कंप्यूटर - तृतीय), द्वितीय स्थान जागृति (बीकॉम ऑनर्स - द्वितीय), तृतीय स्थान मानसी (एमएससी मैथमेटिक्स - द्वितीय) ने प्राप्त किया। उप प्राचार्य प्रो.एस.के तुली ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर विभागाअध्यक्ष प्रो.संदीपना शर्मा, डॉ. बलवेंद्र कुमार, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. रिचा नांगला(प्रभारी) उपस्थित रहे।
डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग द्वारा अनुवाद एवं विज्ञापन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन।