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श्रद्धा का सैलाब: मां त्रिपुरमालिनी शक्तिपीठ में सालाना मेले की धूम, तड़के से उमड़ा जनसैलाब

Devotees Flock to Maa Tripurmalini Shaktipeeth for Annual Mela in Jalandhar
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जालंधर, 11 अप्रैल (शुक्रवार):
पंजाब के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक मां त्रिपुरमालिनी देवी तालाब मंदिर में आज वार्षिक मेले की भव्य शुरुआत हुई। भोर की पहली किरणों के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगनी शुरू हो गईं। सुबह साढ़े 3 बजे से ही श्रद्धालु मां के दर्शन को आतुर होकर झंडा चढ़ाने के लिए दरबार पहुंचने लगे।

देशभर के 51 शक्तिपीठों में शामिल यह पावन धाम, हर साल लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बनता है। इस वर्ष भी, श्रद्धालु हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों से खासतौर पर पहुंचे हैं।

मंदिर कमेटी ने किया विधिवत उद्घाटन

मेले की विधिवत शुरुआत वीरवार रात को विशेष पूजा-अर्चना और रस्मों के साथ की गई, जिसमें मंदिर कमेटी और शहर के प्रमुख संकीर्तन मंडल शामिल हुए। मां की महाआरती के दौरान माहौल भक्तिरस से सराबोर हो गया।

कीर्तन मंडलियों ने बांधा भक्ति का रंग

देशभर से आई संकीर्तन मंडलियों ने माता के दरबार में भजन और कीर्तन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंदिर प्रांगण में ‘जय मां त्रिपुरमालिनी’ के जयकारे गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि से वातावरण में एक अलौकिक ऊर्जा महसूस की गई।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद

भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। CCTV निगरानी, मेडिकल सहायता, जल व्यवस्था, और खोया-पाया केंद्र जैसे जरूरी प्रबंध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं।

भक्तों की आस्था बनी प्रेरणा

मां त्रिपुरमालिनी के इस मेला महोत्सव में न केवल धार्मिक उत्साह देखने को मिला, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समर्पण की भावना भी परिलक्षित हुई। श्रद्धालुओं की आस्था यह दर्शाती है कि आज भी भारत की धार्मिक परंपराएं जीवंत हैं।