भारत में पहचान और वित्तीय लेन-देन के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड दो बेहद जरूरी दस्तावेज हैं। चाहे बैंकिंग हो, इनकम टैक्स हो या फिर निवेश, इन दोनों की ज़रूरत लगभग हर जगह पड़ती है। अब पैन कार्ड को लेकर सरकार की ओर से एक नया नियम सामने आया है, जिसे नजरअंदाज करना आपके लिए महंगा पड़ सकता है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2024 से पहले जिन लोगों ने आधार एनरोलमेंट आईडी के जरिए पैन कार्ड बनवाया है, उन्हें अपना आधार नंबर आयकर विभाग को देना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार ने अंतिम तिथि 3 दिसंबर 2025 तय की है। अगर आपने इस तारीख तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) कर दिया जाएगा।
निष्क्रिय पैन कार्ड से क्या होंगे नुकसान?
अगर आपका पैन कार्ड इनएक्टिव हो जाता है, तो कई अहम काम अटक सकते हैं:
-
आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे
-
बैंकिंग लेन-देन में बाधा आएगी
-
बड़ी रकम का लेन-देन (जमा या निकासी) रोक दिया जाएगा
-
निवेश, लोन, क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं में रुकावट आएगी
इसलिए समय रहते ही पैन को आधार से लिंक कराना जरूरी है।
पैन-आधार लिंक कैसे करें? आसान स्टेप्स देखें
-
सबसे पहले इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाएं
-
होमपेज पर ‘Link Aadhaar’ का विकल्प चुनें
-
पैन और आधार नंबर दर्ज करें
-
आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरें
-
जानकारी सही होने पर आपका पैन आधार से लिंक हो जाएगा
क्या इसमें कोई शुल्क लगेगा?
-
अगर आपने 30 जून 2023 तक पैन को आधार से लिंक नहीं कराया था, तो ₹1000 का जुर्माना देना पड़ा होगा।
-
यदि आपने यह जुर्माना पहले ही भर दिया है, तो अब आप लिंकिंग प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं—इसके लिए अब अलग से कोई शुल्क नहीं लगेगा।
किन्हें मिली है इस नियम से छूट?
कुछ विशेष श्रेणी के लोगों को पैन-आधार लिंक करने की आवश्यकता नहीं है:
-
असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के निवासी
-
80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक
-
NRI (गैर-निवासी भारतीय)
-
जिनके पास आधार कार्ड नहीं है
-
विदेशी नागरिक
अगर आप इस नियम को नजरअंदाज करते हैं, तो इसका असर आपकी बैंकिंग और टैक्स से जुड़ी सुविधाओं पर पड़ सकता है। बेहतर होगा कि आप समय रहते पैन को आधार से लिंक करवा लें और इनएक्टिवेशन से बचें।