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जालंधर की इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट पर सरकार की नजर, 500 करोड़ के घोटाले की जांच में आई तेजी

Punjab Govt Cracks Down After 500 Crore Jalandhar Improvement Trust Scam; 34 Plot Files to be Opened Soon
Punjab Govt Cracks Down After 500 Crore Jalandhar Improvement Trust Scam; 34 Plot Files to be Opened Soon
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जालंधर, 31 मई – नगर निगम चुनावों के बाद जालंधर के इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट से जुड़ी 34 प्लॉट फाइलों को जल्द खोले जाने की उम्मीद है। लंबे समय से अटकी इन फाइलों की प्रक्रिया अब फिर से तेज होती नजर आ रही है, खासकर विधायक रमन अरोड़ा और अन्य अधिकारियों पर हुई कार्रवाइयों के बाद।

राज्य सरकार ने विधायक रमन अरोड़ा, महेश मखीजा और ट्रस्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों की जांच के बाद यह साफ संकेत दिया है कि 500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले पर अब कठोर कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम की एटीपी सुखदेव बशिष्ठ और इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

बताया जा रहा है कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट वर्षों से विवादों से घिरा हुआ है। न तो लोगों के कार्य समय पर पूरे हुए और न ही विकास योजनाओं का धन सही ढंग से उपयोग में लाया गया। कोर्ट के निर्देशों की भी लगातार अवहेलना हुई, लेकिन अब सरकार की सख्ती के संकेत दिख रहे हैं।

राजनीति से ऊपर उठी कार्रवाई

सीएम भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त चाहे कोई भी नेता हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्रवाई पार्टी लाइन से ऊपर उठकर की जाएगी। इस कदम से लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से रुके न्याय की दिशा में अब ठोस पहल होगी।

तीन साल से रुकी 34 प्लॉट की फाइलें

साल 2022 में जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने 34 प्लॉट्स की फाइलों को चंडीगढ़ मुख्यालय भेजने के लिए पत्र लिखा था। तत्कालीन ईओ और सुपरीविजन इंजीनियर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी फाइलें भेजी नहीं गईं। इससे जुड़ी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब जब घोटालों की जांच ने रफ्तार पकड़ी है, तो उम्मीद है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी और आम जनता को वर्षों से अटके मामलों में न्याय मिलेगा।