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इंडोनेशिया का ‘आग का द्वीप’ फिर जगा: बाली ज्वालामुखी का विस्फोट, राख ने आसमान चीर दिया

Massive Bali Volcano Eruption Grounds Flights and Forces Evacuations – June 2025
Massive Bali Volcano Eruption Grounds Flights and Forces Evacuations – June 2025
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बाली, जो आमतौर पर अपने शांत समुद्र और योग रिट्रीट्स के लिए जाना जाता है, मंगलवार को अचानक प्राकृतिक आग की लपटों में आ गया। माउंट लेवोटोबी लाकी‑लाकी (Lewotobi Laki‑Laki), जो फ्लोरेस द्वीप के कोने में चुपचाप खड़ा था, अब गगनचुंबी राख और लावे का गोदाम बन गया।

17 जून की शाम लगभग 6 बजे, इस ज्वालामुखी ने अचानक आग उगलना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में राख का स्तंभ 11 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुँच गया — यह इतना ऊँचा था कि सैटेलाइट से भी साफ़ दिखाई दे रहा था।

बाली की ओर जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें — विशेषकर भारत, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया से — तत्काल रद्द कर दी गईं। दिल्ली से बाली जा रही एक फ्लाइट तो आधे रास्ते से वापस लौट आई।

स्थानीय प्रशासन ने ज्वालामुखी के 8 किमी के दायरे को "रेड जोन" घोषित किया है। कई गाँवों से लोगों को निकाला गया, जबकि पर्यटक रिसॉर्ट्स में फंसे रहे। राख की वजह से आसपास के इलाके में दोपहर में ही अंधेरा छा गया।

जियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, इस ज्वालामुखी में असामान्य गतिविधियाँ मार्च और मई में भी देखी गई थीं, लेकिन इस बार का विस्फोट "हवा और जलवायु के संतुलन को भी प्रभावित" कर सकता है।

भारत से बाली जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगले 72 घंटे तक कोई नई बुकिंग न करें, क्योंकि स्थिति तेज़ी से बदल रही है और हवा में राख का फैलाव पूर्व की ओर हो रहा है।