लुधियाना वेस्ट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को 2400 करोड़ रुपये के चर्चित भूमि घोटाले में बड़ा झटका लगा है। एडिशनल सेशन जज गुरप्रीत कौर ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट का कहना है कि चूंकि आशू को अब तक केस में औपचारिक रूप से नामजद नहीं किया गया है, इसलिए अग्रिम जमानत का आधार नहीं बनता।
इससे पहले 6 जून को एडिशनल जज जसपिंदर सिंह की वेकेशन बेंच ने आशू को 11 जून तक अंतरिम राहत दी थी। मगर अब अदालत का यह निर्णय कांग्रेस खेमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आशू पर सराभा नगर स्थित स्कूल की जमीन के दुरुपयोग से जुड़े 2400 करोड़ रुपए के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। इस मामले में DSP विनोद कुमार द्वारा 4 जून को समन जारी कर 6 जून को पूछताछ के लिए तलब किया गया था। हालांकि, पूछताछ से पहले ही आशू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।
आशू के वकीलों ने अदालत में अपील की कि गिरफ्तारी से पहले कम से कम तीन दिन का नोटिस दिया जाए, ताकि वे कानूनी तैयारी कर सकें। मगर विजिलेंस विभाग और सरकारी पक्ष ने इसका जोरदार विरोध किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अब इस मामले में आशू की संभावित गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है। कांग्रेस की लुधियाना इकाई ने इस घटनाक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।