जालंधर, 12 जुलाई — भ्रष्टाचार के एक हाई-प्रोफाइल मामले में शुक्रवार को जालंधर की स्थानीय अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी। करीब एक महीने से न्यायिक हिरासत में चल रहे अरोड़ा को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में केवल रमन अरोड़ा ही नहीं, बल्कि उनके समधी राजू मदान और नगर निगम की इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर की जमानत याचिकाएं भी आज अदालत में विचाराधीन थीं। तीनों आरोपी एक ही मामले में कथित संलिप्तता के चलते राहत की मांग कर रहे थे।
गुरुवार देर शाम अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अब उनके पास अगला विकल्प पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का है।
इस फैसले को राज्य की राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिहाज़ से एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।