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16 महीनों में 1,570% उछाल: निखिल गडकरी से जुड़ी सियान एग्रो पर उठे सवाल|

Cian Agro Stock Soars 1,570% in 16 Months: Questions Raised Over SEBI Silence and Political Links
Cian Agro Stock Soars 1,570% in 16 Months: Questions Raised Over SEBI Silence and Political Links
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सियान एग्रो इंडस्ट्रीज़ — केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी से जुड़ी इस कंपनी के शेयर ने बीते 16 महीनों में जबरदस्त छलांग लगाई है। महज़ ₹40 से बढ़कर ₹668 तक पहुँचना यानी करीब 1,570% की उछाल, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 ने केवल लगभग 20% रिटर्न दिया। आम तौर पर जब किसी स्मॉल-कैप स्टॉक में 200–300% की तेज़ी आती है तो SEBI तुरंत सख्ती दिखाता है — ट्रेडिंग सस्पेंड, असामान्य कीमतों की जांच और कंपनियों पर सवाल। लेकिन सियान एग्रो के मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होना खुद में सवाल खड़े कर रहा है।

कंपनी ने 2024 में CO₂-आधारित एथेनॉल उत्पादन के लिए MoU साइन किया है। जबकि इस सेक्टर में पहले से ही करीब 500 डिस्टिलरी और 18 अरब लीटर की वार्षिक क्षमता मौजूद है। बावजूद इसके कंपनी ने न तो अपनी उत्पादन क्षमता स्पष्ट की है और न ही कोई ठोस भविष्य की रणनीति साझा की है। ऐसे में 16 गुना उछाल को विश्लेषक “बिना आधार की तेजी” बता रहे हैं और इसे प्रमोटर के राजनीतिक सरनेम से जोड़ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर निवेशक खुलकर डबल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि जब साधारण निवेशकों या छोटी कंपनियों के शेयरों में इतनी तेजी आती है तो तुरंत ट्रेडिंग बैन और फॉरेंसिक ऑडिट की कार्रवाई होती है, लेकिन राजनीतिक परिवार से जुड़ी कंपनी पर कोई रोक क्यों नहीं? मीम्स और गुस्से से भरे पोस्ट इस असमानता को उजागर कर रहे हैं।

जहाँ श्री रेणुका शुगर्स और बलरामपुर चीनी जैसी स्थापित कंपनियाँ हर विस्तार और उत्पादन की जानकारी विस्तार से देती हैं, वहीं सियान एग्रो की ओर से अब तक केवल अधूरी सूचनाएँ ही सामने आई हैं।

छोटे निवेशकों को मामूली चूक पर जुर्माना और दंड झेलना पड़ता है। पेनी स्टॉक्स में लेनदेन करने वालों को बैन और जांच का डर रहता है। इसके उलट, राजनीतिक रूप से जुड़ी कंपनियाँ बेफिक्र होकर सरकारी सब्सिडी वाले सेक्टर (जैसे एथेनॉल ब्लेंडिंग) में पैर पसारती हैं और किसी भी तरह की सख्ती से बच निकलती हैं