भारतीय मूल के प्रतिष्ठित उद्योगपति और ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड स्वराज पॉल का 94 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया। उनके जाने से न केवल ब्रिटेन, बल्कि भारत ने भी एक दूरदर्शी उद्योगपति और समाजसेवी को खो दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
1931 में पंजाब के जालंधर में जन्मे स्वराज पॉल ने कठिन संघर्षों के बीच लंदन जाकर कैपारो ग्रुप की नींव रखी। अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने इसे स्टील और इंजीनियरिंग की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में बदल दिया, जिसका कारोबार आज 40 से अधिक देशों में फैला हुआ है।
व्यवसाय में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने वाले स्वराज पॉल का निजी जीवन कई दर्दनाक घटनाओं से गुजरा। 2015 में उनके बेटे अंगद पॉल की दुर्घटना में मौत हो गई, वहीं 2022 में उनकी पत्नी अरुणा पॉल का भी निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम और समाजसेवा को जारी रखा।
संडे टाइम्स रिच लिस्ट 2024 के अनुसार, स्वराज पॉल 2 अरब पाउंड (लगभग 21,000 करोड़ रुपये) की संपत्ति के मालिक थे और ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों की सूची में 81वें स्थान पर थे।
उनके निधन के बाद कैपारो ग्रुप की जिम्मेदारी अब उनके बेटे आकाश पॉल के हाथों में होगी, जो वर्तमान में कैपारो इंडिया के चेयरमैन और ग्रुप के निदेशक हैं।