पंजाब इन दिनों लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बाढ़ जैसी आपदा का सामना कर रहा है। राज्य के सात जिलों—पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का—इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिन पंजाब के लिए बेहद अहम बताए हैं। पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मोहाली, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर में रेड अलर्ट लागू किया गया है।
सुखना लेक का जलस्तर बढ़ने के बाद दो फ्लड गेट खोल दिए गए, जिससे पटियाला के कई गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भाखड़ा बांध में जलस्तर 1671.89 फीट दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान (1680 फीट) से केवल 8 फीट नीचे है। बांध के चारों फ्लड गेट चार-चार फुट तक खोले जा चुके हैं और फिलहाल यहां 50,524 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज की गई है।
अब तक बाढ़ और भारी बारिश के चलते 6 लोगों की जान जा चुकी है और 4 लोग लापता हैं। हालात गंभीर होते देख मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें मंत्रियों और अधिकारियों से ज़मीनी रिपोर्ट लेकर राहत व बचाव कार्यों की रणनीति तय की जाएगी।
सीएम मान ने कहा कि यह समय एकजुट होकर एक-दूसरे का सहारा बनने का है। उन्होंने घोषणा की कि वे स्वयं, सभी मंत्री और आप पार्टी के विधायक अपना एक महीने का वेतन बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दान करेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार और प्रशासन पूरी तरह से बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए समर्पित है।