गुजरात के कच्छ जिले में रविवार को 6 घंटे के भीतर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
आईएसआर (इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च) के अनुसार पहला झटका सुबह 6:41 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 2.6 थी और इसका केंद्र धोलावीरा से 24 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व (ESE) में था।
इसके बाद दोपहर 12:41 बजे दूसरा झटका आया, जिसकी तीव्रता 3.1 रही। इसका केंद्र भचाऊ से 12 किलोमीटर उत्तर-पूर्व (NNE) में स्थित था।
अच्छी बात यह रही कि दोनों झटकों से किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि कच्छ को भारत का सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है, जहां छोटे-छोटे झटके अक्सर आते रहते हैं।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर मौजूद 7 प्लेट्स लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो दबाव बढ़ता है। यह दबाव ज्यादा होने पर प्लेट्स टूट जाती हैं और भीतर की ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे भूकंप आता है।
कितनी तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक?
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2.0–2.9 → हल्का झटका, ज़्यादातर महसूस नहीं होता।
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3.0–3.9 → ऐसा लगता है जैसे पास से ट्रक गुज़रा हो।
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4.0–4.9 → खिड़कियां हिल सकती हैं, दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
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5.0–5.9 → फर्नीचर हिलने लगता है।
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6.0–6.9 → इमारतों की नींव को नुकसान हो सकता है।
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7.0+ → इमारतें गिर सकती हैं, पाइप फट सकते हैं।
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9.0+ → भारी तबाही, सुनामी का खतरा।
फिलहाल राहत की बात यह है कि गुजरात में आए इन झटकों से कोई नुकसान नहीं हुआ।