नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025 — ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ने एक महिला नर्सिंग अधिकारी की शिकायत के बाद कार्डियोथोरैसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. ए.के. बिसोई को उनके प्रशासनिक कर्तव्यों से मुक्त कर दिया है। यह निर्णय 11 अक्टूबर 2025 को लिया गया। विभाग की जिम्मेदारी प्रोफेसर डॉ. वी. देवगौरू को सौंप दी गई है।
महिला नर्सिंग अधिकारी ने आरोप लगाया था कि डॉ. बिसोई ने 29 सितंबर को एक बैठक के दौरान उन्हें "अशिष्ट, अपमानजनक और लिंगभेदी" भाषा का सामना कराया, जिससे कार्यस्थल पर असुरक्षा का माहौल बना। शिकायत में यह भी कहा गया था कि डॉ. बिसोई ने शिकायत करने वाली नर्स को प्रतिशोध में उनके क्लिनिकल पोस्टिंग से हटाने की धमकी दी थी। नर्स यूनियन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
हालांकि, डॉ. बिसोई ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह "गलतफहमी और संदर्भ से बाहर की गई बात" है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला नर्स ने कभी यौन उत्पीड़न की शिकायत नहीं की और न ही वह उनके अधीन कार्यरत हैं। डॉ. बिसोई का कहना है कि नर्स ने विभाग में स्थानांतरण की मांग की थी, जो कि व्यक्तिगत कारणों से थी।
डॉ. संदीप चौहान, कार्डियोथोरैसिक सेंटर के प्रमुख, ने प्रारंभिक जांच में पाया कि बैठक में उपस्थित कर्मचारियों के बयानों के अनुसार, आरोपों का समर्थन नहीं मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक एक "पेशेवर बैठक" थी, जो "भाषाई अंतर के कारण गलत समझी गई" हो सकती है।
AIIMS ने आंतरिक शिकायत समिति के माध्यम से यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। नर्स यूनियन ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है और कहा है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।