जालंधर पुलिस ने नशे और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गाड़ी को रोका, जो “प्रेस” स्टिकर लगी हुई थी। गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ ने जब गाड़ी को सलेमपुर मसांदा के पास रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी मंकरन घायल हो गया।
पुलिस ने मौके से उसके दो साथियों गुरविंदर उर्फ गवी और सिमरन को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी अमृतसर के तीन गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित थे, जिनमें चर्चित धर्मा केस भी शामिल है।
सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर स्वयं मौके पर पहुँचीं और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पुलिस के अनुसार, धर्मा केस में शामिल मंकरन लंबे समय से फरार था और गुप्त सूचना के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। अंततः जालंधर पुलिस ने सटीक खुफिया जानकारी के चलते उसे सलेमपुर के पास ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है, जिसने शहर में अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।