दिवाली के बाद जालंधर में गले के संक्रमण, वायरल फ्लू और बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इज़ाफा देखा जा रहा है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रोज़ाना सैकड़ों लोग खांसी, जुकाम, बुखार और गले में दर्द की शिकायत लेकर पहुँच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम बदलने के साथ-साथ दिवाली के पटाखों से फैली धूल और धुएं ने वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा दिया है, जिससे गले और श्वसन तंत्र पर असर पड़ रहा है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग इस संक्रमण की चपेट में ज़्यादा आ रहे हैं।
सिविल अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. रवि शर्मा ने बताया, “दिवाली के बाद प्रदूषण और नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस सक्रिय हो जाते हैं। मरीजों को गले में जलन, खांसी, आवाज़ बैठना और हल्का बुखार जैसी दिक्कतें हो रही हैं। इस समय ठंडी चीज़ों से परहेज और गर्म पानी के गरारे बेहद ज़रूरी हैं।”
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि बिना जरूरत भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं, मास्क का इस्तेमाल करें और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। यदि लक्षण तीन दिन से ज़्यादा बने रहें, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में सुबह और रात का तापमान और गिर सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम और वायरल मामलों में और बढ़ोतरी की संभावना है।