जालंधर, 18 अक्टूबर: भारत के मशहूर बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुम्मन की असमय मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उनके चाहने वालों, परिवार और समर्थकों ने शुक्रवार शाम जालंधर शहर में एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला, जिसमें ‘Justice for Varinder Ghuman’ की गूंज सुनाई दी।
यह कैंडल मार्च मॉडल टाउन मार्केट से शुरू होकर गुरु नानक मिशन चौक तक पहुंचा। सैकड़ों लोग मोमबत्तियाँ हाथ में लिए, पूरी श्रद्धा और गम्भीरता के साथ वरिंदर घुम्मन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। लोगों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिन पर लिखा था:
"वरिंदर को न्याय दो", "लापरवाही या साज़िश?"
वरिंदर घुम्मन की मौत अमृतसर के एक निजी अस्पताल में कंधे की सर्जरी के बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट से हुई थी। परिवार का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई और सर्जरी से पहले पूरी मेडिकल हिस्ट्री की अनदेखी की गई।
परिजन चाहते हैं कि अस्पताल की CCTV फुटेज, ऑपरेशन थिएटर की रिकॉर्डिंग और सर्जरी से जुड़ी सभी डॉक्यूमेंट्स सार्वजनिक किए जाएं।
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले एक स्थानीय युवा ने कहा:
"वरिंदर घुम्मन जैसे प्रेरणास्त्रोत की मौत अगर चिकित्सा लापरवाही से होती है, तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, पूरे सिस्टम का है।"
जिम ट्रेनर्स, खिलाड़ियों, स्थानीय नेताओं और छात्रों ने भी मार्च में भाग लिया और न्याय की माँग की।
प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर लापरवाही साबित हुई, तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
हालांकि, अब तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
वरिंदर घुम्मन का जाना न केवल खेल जगत की एक क्षति है, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी भी है कि हम स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। जालंधर में हुआ यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज की आवाज़ बन चुका है।