अडाणी समूह ने शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर भारत की प्राचीन सभ्यता, ज्ञान परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। Adani Global Indology Conclave में समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने Bharat Knowledge Graph नामक एक अत्याधुनिक डिजिटल ढांचे के निर्माण की घोषणा की, जिसका उद्देश्य भारतीय सभ्यतागत ज्ञान को भविष्य के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक-संगत बनाना है।
इस पहल के तहत प्राचीन भारतीय भाषाओं, दर्शन, विज्ञान, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक प्रमाणों का डिजिटल संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए अडाणी समूह ने ₹100 करोड़ की शुरुआती राशि देने का वचन दिया है, जो शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विद्वानों को सहयोग प्रदान करेगी।
कॉनक्लेव में शिक्षा मंत्रालय के Indian Knowledge Systems (IKS) के साथ साझेदारी में इंडोलॉजी—जो भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के वैश्विक अध्ययन का प्रमुख क्षेत्र है—को नए युग में तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर कई प्रमुख विद्वान और आध्यात्मिक नेता भी मौजूद रहे।
गौतम अडाणी ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रयास “एक सभ्यतागत ऋण का भुगतान” है और भारत के बौद्धिक इतिहास को आधुनिक युग में नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम है।