पंजाब में ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। जालंधर में शुक्रवार को ठंड के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शव अगले 72 घंटों तक मोर्चरी में रखा जाएगा। इस अवधि में यदि कोई मृतक का दावा नहीं करता, तो पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
मृतक का शव थाना डिवीजन नंबर-2 क्षेत्र के नई अनाज मंडी के पास मिला। वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने व्यक्ति को बेहोश हालत में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के बाद शव को कब्जे में लिया।
अब तक ठंड से 4 मौतें
इस घटना के साथ ही पंजाब में ठंड से मौतों का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया है। इससे पहले गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के पास खंडा चौक पर एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला था। पटियाला जिले के गांव ढकडब्बा में भी एक व्यक्ति की ठंड से मौत हो चुकी है। इसके अलावा, पटियाला जेल में विचाराधीन एक कैदी की ठंड के कारण मौत हुई थी। कैदी को बीमार होने पर 31 दिसंबर से राजिंद्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में कड़ाके की ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने खुले स्थानों पर सोने वाले बेघर लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, लोगों को गर्म कपड़े पहनने, हीटर का उपयोग करने और घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
ठंड से बचाव के उपाय
ठंड के इस भीषण दौर में विशेषज्ञों ने कुछ सुझाव दिए हैं:
- ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
- ज्यादा ठंड में बाहर निकलने से बचें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- हीटर और ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा का ध्यान रखें।
पंजाब में कड़ाके की ठंड लोगों की जान पर बन आई है। प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। ठंड से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सरकार को रैन बसेरों और अन्य राहत सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए ताकि बेघर और गरीब लोगों की जान बचाई जा सके।
















