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Friday, 06 June 2025

कांग्रेस नेता भरत भूषण आशू को विजिलेंस का समन, 2400 करोड़ के घोटाले में पूछताछ आज

SSP Who Summoned Bharat Bhushan Ashu Suspended, No Need to Appear Before Vigilance
SSP Who Summoned Bharat Bhushan Ashu Suspended, No Need to Appear Before Vigilance

लुधियाना, 6 जून 2025 – पंजाब की राजनीति में हलचल मचाने वाली एक और बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री भरत भूषण आशू को लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो ने आज तलब किया है। यह समन सराभा नगर की स्कूल जमीन के दुरुपयोग और करीब ₹2400 करोड़ के कथित घोटाले से जुड़ा है।

विजिलेंस की लुधियाना यूनिट की ओर से जारी समन के अनुसार, आशू को शुक्रवार सुबह 10 बजे पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि मामला उस जमीन से जुड़ा है जो दशकों पहले शिक्षा के उद्देश्य से लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (LIT) द्वारा सीनियर सेकेंडरी स्कूल को रियायती दर पर दी गई थी।

हालांकि, जांच में सामने आया कि इस जमीन पर निजी प्लेवे स्कूल और व्यवसायिक संस्थान चल रहे हैं, जिनसे मोटा किराया वसूला जा रहा है। यह शिक्षा नीति और जमीन आवंटन नियमों का घोर उल्लंघन है।

8 जनवरी 2025 को दर्ज हुई थी FIR

इस संबंध में 8 जनवरी को आईपीसी की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-B और 409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला बाद में विजिलेंस को सौंपा गया, जहां अब पूर्व मंत्री की भूमिका को लेकर गंभीर जांच चल रही है।

पहले भी घोटालों में रहे हैं आशू

भरत भूषण आशू पहले भी विवादों में रहे हैं। 2022 में कांग्रेस सरकार के दौरान वह खाद्यान्न परिवहन घोटाले में आरोपी बनाए गए थे। आरोप था कि उन्होंने फर्जी पंजीकरण वाले ठेकेदारों को ठेके दिलवाए और ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ियां कीं। इस मामले में उन्हें अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, दिसंबर 2024 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों केस खारिज कर दिए थे।

चुनाव से पहले बड़ा झटका

लुधियाना में 19 जून को उपचुनाव होने जा रहे हैं और कांग्रेस ने आशू को ही उम्मीदवार बनाया है। ऐसे समय में विजिलेंस द्वारा समन भेजा जाना पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले का चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।