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Sunday, 01 June 2025

कनाडा से बड़ा झटका: 30 हजार अप्रवासी होंगे देश से बाहर, पंजाबी समुदाय में बढ़ी चिंता

Canada Crackdown: 30,000 Immigrants to Be Deported, Panic Among Punjabi Community
Canada Crackdown: 30,000 Immigrants to Be Deported, Panic Among Punjabi Community

ओटावा/टोरंटो, 1 जून 2025: कनाडा सरकार ने देश में रह रहे अवैध अप्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए 30,000 से अधिक डिपोर्टेशन वारंट जारी कर दिए हैं। ये कदम इमीग्रेशन पॉलिसी के तहत उठाया गया है, जिसके तहत उन प्रवासियों पर कार्रवाई की जा रही है जिनका वीजा या शरण का दर्जा समाप्त हो चुका है।

इस कार्रवाई का असर खास तौर पर पंजाबी समुदाय पर पड़ता दिखाई दे रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के लोग स्टडी वीज़ा, वर्क परमिट या टूरिस्ट वीज़ा पर कनाडा आए थे और बाद में वहीं रह गए।

कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने देशभर में अभियान शुरू किया है और उन अप्रवासियों की पहचान कर ली गई है जो:

  • वीज़ा या वर्क परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद भी रुके हुए हैं
  • जिनकी शरण याचिका अस्वीकृत हो चुकी है
  • आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं
  • शिक्षा छोड़ चुके विदेशी स्टूडेंट्स हैं
  • टूरिस्ट वीज़ा पर आए और वापसी नहीं की

इन सभी को जल्द ही देश निकाले की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, डिपोर्ट किए गए व्यक्ति को अगर भविष्य में कनाडा का वीजा फिर से चाहिए, तो उसे कम से कम 3,800 कनाडाई डॉलर का भुगतान करना होगा। यदि उस व्यक्ति को विशेष सुरक्षा (स्पेशल एस्कॉर्ट) के साथ बाहर भेजा गया है, तो यह राशि 12,800 डॉलर तक जा सकती है।

कनाडा में मौजूद कई पंजाबी युवा जो अपनी पढ़ाई या वर्क परमिट खत्म होने के बावजूद वहीं रह रहे थे, अब डिपोर्टेशन की खबरों से सहमे हुए हैं। लुधियाना से जुड़े एक केस में यह चर्चा तेज हो गई है कि विधायक रमन अरोड़ा के समधी मदान का नाम भी संभावित डिपोर्टेशन लिस्ट में शामिल हो सकता है।

4.5 लाख लोग स्कैन में

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 4,57,646 लोग डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें:

  • 27,675 लोग अंतिम स्टेज पर
  • 3,78,320 लोग शरण याचिका के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं
  • शेष पर निगरानी रखी जा रही है

शरण याचिकाओं में रिकॉर्ड वृद्धि

विशेषज्ञों का कहना है कि बीते 3 वर्षों में कनाडा में शरण मांगने वालों की संख्या अभूतपूर्व तरीके से बढ़ी हैसाल 2024 में 20,000 से अधिक शरण याचिकाएं दायर की गईं, जो कि 2019 की तुलना में 615% अधिक हैं। यह आंकड़ा सरकार की चिंता का कारण बन चुका है।

इमीग्रेशन विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन लोगों का वीज़ा या शरण का दर्जा खत्म हो चुका है, उन्हें तुरंत कानूनी सलाह लेनी चाहिए और स्थिति को वैध करने के लिए उपाय करने चाहिए। कनाडा में अवैध रूप से रहना अब भारी पड़ सकता है।