Wednesday, 25 December 2024
Political
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा: कांग्रेस-भाजपा पार्षदों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई
चंडीगढ़: नगर निगम की मंगलवार को हुई बैठक में हंगामा और विवाद का माहौल बन गया। कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई।
बैठक के दौरान, जैसे ही भाजपा पार्षद अनिल मसीह सदन में पहुंचे, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने 'वोट चोर' के नारे लगाना शुरू कर दिया। इससे सदन का माहौल गर्मा गया, और स्थिति बेकाबू हो गई। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ, जो जल्द ही शारीरिक झड़प में बदल गया।
सदन में हाथापाई, पोस्टर छीने जाने का आरोप
कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गापी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "मेरे हाथ से पोस्टर छीने गए, जिससे विवाद और बढ़ गया। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है।" वहीं, कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लक्की ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया और इसे जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करार दिया।
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए पलटवार के आरोप
भाजपा के पार्षद कंवर राणा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हाथापाई की शुरुआत कांग्रेस के पार्षदों ने की। उन्होंने मेयर पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, "मेयर अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सदन में गड़बड़ी करवा रहे हैं।" भाजपा सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू ने भी कहा कि मेयर की कार्यशैली सदन के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न कर रही है।
बढ़ते विवाद को देखते हुए नगर निगम की बैठक को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। पार्षदों के बीच इस झड़प ने चंडीगढ़ के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।
इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला कहा, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया। इस झड़प के बाद, राजनीतिक दलों के बीच तल्खी और बढ़ने की संभावना है।