Thursday, 19 December 2024
Punjab News
चंडीगढ़ समेत पंजाब के 10 जिलों में शीतलहर: ठंड का प्रकोप जारी, कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी||
पंजाब में सर्दी ने दस्तक देते हुए अब अपने प्रचंड रूप में आना शुरू कर दिया है। दिसंबर 2024 की ठंड ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ते हुए लोगों को कंपकंपा दिया है। चंडीगढ़ समेत राज्य के 10 जिलों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। फिरोजपुर में तापमान गिरकर 0.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे निचला स्तर है।
पंजाब के अधिकांश हिस्सों में हवा की गति धीमी हो गई है, जिससे ठंडक और बढ़ गई है। इस धीमी गति के कारण वातावरण में कोहरा अधिक समय तक बना रहता है। मौसम विभाग ने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह कोहरा सुबह और देर रात के समय यात्रा करने वालों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है।
फिरोजपुर सबसे ठंडा, अन्य जिलों का भी यही हाल
फिरोजपुर में 0.9 डिग्री तापमान ने ठंड के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, और जालंधर जैसे अन्य जिलों में भी तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और अधिक देखने को मिल रहा है, जहां लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
शीतलहर का सबसे अधिक असर किसानों और दैनिक मजदूरों पर पड़ा है। ठंड के कारण सुबह और देर शाम के समय काम करना मुश्किल हो गया है। आलू, सरसों और गेहूं जैसी फसलों पर पाला पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को ठंड से बचाने के लिए सिंचाई का सहारा लें।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में तापमान और गिर सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे गर्म कपड़े पहनें, घर के अंदर रहें और ठंड से बचने के सभी उपाय करें। कोहरे के कारण ट्रैफिक की गति धीमी हो गई है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
ठंड से राहत देने के लिए राज्य सरकार ने रैन बसेरों में अलाव और गर्म कपड़ों की व्यवस्था की है। बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए कई संगठनों ने भी रजाई और कंबल बांटने की मुहिम शुरू की है।
पंजाब में शीतलहर ने ठंड के अनुभव को चरम पर पहुंचा दिया है। यह मौसम लोगों को सावधानी बरतने और एक-दूसरे की मदद करने का संदेश देता है। ऐसे समय में समुदाय के सहयोग और सरकार की तत्परता से ही ठंड के इस दौर को सुरक्षित तरीके से पार किया जा सकता है।