Tuesday, 11 February 2025
Punjab News
डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पोषण सुरक्षा और आध्यात्मिक साहित्य के प्रचार पर जताई सहमति
अमृतसर: डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी से एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा, कमीशन के सदस्य चेतन प्रकाश धालीवाल, पी.एस. आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी के प्रधान प्रवीन संधू, महासचिव राजदीप कौर मुल्तानी, नवजोत संधू, अर्शदीप सिंह और ऑस्ट्रेलिया से आए शिक्षाविद गौरव मल्होत्रा व उनकी पत्नी संदीप कौर शामिल हुए।
इस दौरान बाबा जी के दर्शन कर विभिन्न सामाजिक और पोषण सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने कम्युनिटी किचन को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए मोटे अनाज (मिलेट) आधारित भोजन और औषधीय मसालों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं को मिलेट की खेती के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे धान के उत्पादन में कमी लाकर भू-जल स्तर को सुधारा जा सके और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर हो।
बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी ने इन सुझावों पर सहमति जताई और कहा कि कम्युनिटी किचन में मिलेट और हर्बल उत्पादों के इस्तेमाल से समाज के पोषण स्तर में सुधार होगा। उन्होंने इस कदम को पर्यावरण अनुकूल बताते हुए इसे लागू करने की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त, डेरा ब्यास द्वारा प्रकाशित आध्यात्मिक साहित्य के प्रचार-प्रसार को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। श्रद्धालुओं को ध्यान और आत्मिक शांति की ओर प्रेरित करने के लिए आध्यात्मिक पुस्तकों के वितरण को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
बैठक के दौरान पी.एस. आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी चंडीगढ़ (मोहाली) के प्रधान प्रवीन संधू ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक ‘मां का पुनर्जन्म’ बाबा जी को भेंट की। इस पर बाबा जी ने मां के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "मां का कोई विकल्प नहीं होता।" उन्होंने बताया कि वे अपनी 96 वर्षीय माता जी को स्वयं अपने साथ रखते हैं और उनकी सेवा में संलग्न रहते हैं।
बैठक के अंत में बाल मुकुंद शर्मा ने बाबा जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भविष्य में अन्य सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को लेकर पुनः चर्चा के लिए आएंगे।
यह संपूर्ण मुलाकात सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रही, जिससे डेरा ब्यास के सामाजिक और आध्यात्मिक अभियानों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।