ePaper Reading mode

Rzana Punjab ePaper

Wednesday, 25 March 2026

अफवाहों ने मचाई तबाही: रातों-रात पेट्रोल पंपों पर भीड़

अफवाहों ने मचाई तबाही: रातों-रात पेट्रोल पंपों पर भीड़
हैदराबाद में सोमवार देर रात फ्यूल (ईंधन) की कमी की अफवाहों ने पूरे शहर में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के ही लोगों ने पेट्रोल और CNG भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगानी शुरू कर दी, जिससे कुछ ही घंटों में हालात असामान्य हो गए। आम दिनों में शांत रहने वाले पंप अचानक भीड़भाड़ वाले केंद्रों में बदल गए। रमंथापुर, बेगमपेट, मेट्टुगुड़ा, सिकंदराबाद, उप्पल और लाकड़ीकापुल जैसे इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें सड़कों तक पहुंच गईं। कई जगहों पर लोग घंटों तक इंतजार करते रहे, जबकि कुछ लोग “पहले से टैंक फुल कर लेना ही बेहतर है” जैसी सोच के साथ देर रात ही पहुंच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोशल मीडिया पर तेजी से फैले “नो स्टॉक” और लंबी कतारों के वीडियो ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। जैसे-जैसे अफवाहें फैलती गईं, वैसे-वैसे मांग भी बढ़ती गई, और यह एक तरह का “फीयर-बेस्ड बाइंग” बन गया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमें नहीं पता था कि सच में कमी है या नहीं, लेकिन सब लाइन में लगे थे तो हम भी लग गए।” यही मानसिकता शहर भर में दोहराई जाती दिखी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ पेट्रोल पंपों ने सीमाएं भी लगाईं। पोलो ग्राउंड्स के पास एक CNG आउटलेट पर प्रति वाहन केवल ₹500 तक रिफिल की अनुमति दी गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। हालांकि इससे लोगों के बीच और अधिक चिंता फैल गई और कई जगह “स्टॉक खत्म होने” की आशंका और मजबूत हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति किसी वास्तविक सप्लाई फेल्योर की वजह से नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी मांग और सूचना के तेजी से फैलने का परिणाम है। इसे “डिमांड शॉक विदाउट सप्लाई शॉर्टेज” कहा जाता है, जिसमें केवल डर ही बाजार को प्रभावित कर देता है। शहर में मंगलवार तक हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे, लेकिन यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आज के डिजिटल युग में अफवाहें कितनी जल्दी वास्तविक भीड़ और दबाव में बदल सकती हैं।