Wednesday, 20 November 2024
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सितंबर तिमाही में भारत की GDP वृद्धि 6.5% रहने का अनुमान, इक्रा ने बताए कारण
घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने बुधवार को कहा कि सितंबर तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर घटकर 6.5% तक रह सकती है। इसका कारण भारी बारिश और कमजोर कॉर्पोरेट प्रदर्शन को बताया गया है। हालांकि, वित्त वर्ष 2025 के लिए इक्रा ने अपने विकास अनुमान को 7% पर स्थिर रखा है, क्योंकि वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब शहरी मांग में कमी और आर्थिक मंदी की चिंता बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 7.2% GDP वृद्धि का अनुमान लगाया है, लेकिन अधिकतर विशेषज्ञ इसे घटाकर 7% या उससे कम होने का संकेत दे रहे हैं।
सरकार के मुताबिक, दूसरी तिमाही के आर्थिक आंकड़े 30 नवंबर को जारी होंगे। इससे पहले पहली तिमाही में GDP वृद्धि 6.7% रही थी।
इक्रा ने तिमाही में सुस्ती का श्रेय निम्नलिखित कारकों को दिया:
- भारी बारिश: अतिरिक्त बारिश से खनन गतिविधियां, बिजली की मांग, और खुदरा बिक्री पर असर पड़ा।
- कमजोर कॉर्पोरेट मार्जिन: कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा।
- औद्योगिक क्षेत्र में गिरावट: खासतौर पर खनन और बिजली के क्षेत्र में सुस्ती देखी गई।
हालांकि, सरकारी खर्च और खरीफ फसलों की बुआई के सकारात्मक रुझानों ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया।
इक्रा ने बताया कि सेवा क्षेत्र में सुधार की संभावना है, और दूसरी छमाही में GDP में रिकवरी होने की उम्मीद है। एजेंसी की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, संसदीय चुनावों के बाद पूंजीगत व्यय में तेजी के साथ खरीफ फसलों की बुआई में सकारात्मक रुझान देखने को मिले हैं। हालांकि, भारी बारिश के कारण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और व्यापारिक निर्यात पर असर पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक बने रहेंगे, जिससे ग्रामीण मांग में सुधार होगा।
सरकार के पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की आवश्यकता है। पूरे वर्ष के बजट लक्ष्य को हासिल करने के लिए वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में इस व्यय को 52% तक बढ़ाने की आवश्यकता है।
दूसरी तिमाही में निवेश गतिविधियों में सुधार हुआ, लेकिन भारी बारिश के कारण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सुस्ती देखी गई। हालांकि, नई परियोजना घोषणाओं में 6.7 लाख करोड़ रुपये की मजबूत वापसी हुई।
अदिति नायर ने कहा कि निजी उपभोग पर व्यक्तिगत ऋण वृद्धि में कमी का प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही, कमोडिटी की कीमतों और वैश्विक मांग पर भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रभाव को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
India's GDP growth is estimated to be 6.5% in the september quarter, ICRA give reasons