Wednesday, 08 January 2025
Crime
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ऑनलाइन फ्रॉड पर बैंक से मिलेगी पूरी रकम |
डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन बैंकिंग ने हमारे जीवन को सरल और तेज बनाया है, वहीं ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला मील का पत्थर साबित होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई ग्राहक अपने खाते से हुए अनधिकृत लेनदेन की शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार तीन दिनों के भीतर दर्ज कराता है, तो बैंक को उस नुकसान की भरपाई करनी होगी।
ग्राहकों को मिली बड़ी राहत
इस फैसले से लाखों खाताधारकों को राहत मिली है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं या हो सकते हैं। यह निर्णय ग्राहकों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने केवल बैंकों पर ही नहीं, बल्कि ग्राहकों पर भी सतर्कता बनाए रखने की जिम्मेदारी डाली है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह कहा कि बैंकों को अनधिकृत लेनदेन का पता लगाने और रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। दूसरी ओर, ग्राहकों को भी अपने ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स को साझा करने से बचना चाहिए।94,204 रुपये मुआवजे का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एक ग्राहक को 94,204 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह मामला अक्टूबर 2021 में हुए एक अनधिकृत लेनदेन से जुड़ा था, जिसमें गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पाया था कि ग्राहक ने किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की थी। हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा और SBI की याचिका को खारिज कर दिया।ग्राहकों के लिए क्या है सबक?
- समय पर शिकायत करें: यदि आपके खाते से अनधिकृत लेनदेन होता है, तो तीन दिनों के भीतर बैंक को सूचित करें।
- सतर्कता बरतें: अपने बैंकिंग डिटेल्स, खासकर ओटीपी, को गोपनीय रखें।
- अपने अधिकार जानें: अगर आप निर्दोष हैं, तो आपका नुकसान बैंक को भरना होगा।