Friday, 11 April 2025
Punjab News
पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों को हाल के दिनों में दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
एक तरफ जहां आर.टी.ओ. और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में विजीलेंस विभाग की छापेमारी ने कामकाज को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर तकनीकी खराबी के कारण टैस्ट सैंटर में ड्राइविंग टैस्ट पूरी तरह से ठप रहा।
विजीलेंस विभाग द्वारा पिछले दो दिनों में की गई छापेमारी के दौरान आर.टी.ओ. और ड्राइविंग टैस्ट सैंटर से कई अहम दस्तावेज़ जब्त किए गए। हालांकि अब छापेमारी समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग ने संकेत दिए हैं कि वह जब्त रिकॉर्ड की गहन जांच करेगा और ज़रूरत पड़ने पर कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
आज सुबह से ही आर.टी.ओ. कार्यालय में आम लोगों की भारी भीड़ देखी गई। कर्मचारी तो समय पर मौजूद रहे, लेकिन उनके साथ काम करने वाले निजी सहायकों की गैरमौजूदगी विजीलेंस के डर को साफ दर्शा रही थी।
दूसरी ओर, ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में आवेदकों की परेशानी चरम पर रही। एक नोटिस चस्पा कर सूचित किया गया कि एन.आई.सी. चंडीगढ़ में तकनीकी समस्या के कारण 9 अप्रैल को ड्राइविंग टैस्ट नहीं होंगे। इस कारण से सैंकड़ों उम्मीदवारों को निराश होकर लौटना पड़ा।
हालांकि लर्निंग लाइसेंस, इंटरनैशनल लाइसेंस और अन्य सेवाएं जारी रहीं, लेकिन जिन आवेदकों ने ड्राइविंग टैस्ट के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लिया था, वे खासे नाराज़ नज़र आए।
छापेमारी के बाद स्टाफ की ज़िम्मेदारियों में भी बदलाव देखने को मिला। आर.टी.ओ. बलबीर राज सिंह द्वारा डॉ. संदीप को टैस्ट सैंटर से हटा कर मुख्य कार्यालय भेजा गया और चालान विंडो पर भी नया स्टाफ तैनात किया गया। सूत्रों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है, जबकि अन्य की तैनाती को लेकर निर्णय शुक्रवार तक लिया जाएगा।
🚨 मनमानी अब भी जारी?
हालांकि टैस्ट ट्रैक पर ऑफिशियली कोई ड्राइविंग टैस्ट नहीं लिया जा रहा था, लेकिन कुछ युवकों को वहां वाहन चलाते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि प्राइवेट स्टाफ से जुड़े एक कर्मचारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ परिचितों को ट्रैक पर वाहन ले जाने की अनुमति दे दी, ताकि वे रूट और पार्किंग सिस्टम को समझ सकें।