ePaper Reading mode

Rzana Punjab ePaper

Monday, 06 January 2025

कनाडा में बड़ा राजनीतिक मोड़ प्रधानमंत्री ने की विदाई की घोषणा |

We Predicted It Right: Justin Trudeau Resigns Amid Growing Pressure
We Predicted It Right: Justin Trudeau Resigns Amid Growing Pressure

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आधिकारिक रूप से अपने पद और लिबरल पार्टी के नेता के तौर पर इस्तीफा दे दिया है। यह ऐतिहासिक फैसला उनके नौ साल लंबे कार्यकाल का अंत करता है, जिसने कनाडा को कई महत्वपूर्ण मोड़ों पर पहुंचाया। ट्रूडो के इस्तीफे की घोषणा ने कनाडाई राजनीति में नई हलचल मचा दी है और देश को एक नए नेतृत्व की ओर अग्रसर कर दिया है।

आज एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रूडो ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “कनाडा को नई ऊर्जा और नए नेतृत्व की जरूरत है। एक अच्छा नेता वह होता है जो सही समय पर पद छोड़ने का फैसला कर सके। मैंने हमेशा ईमानदारी से कनाडा की सेवा की है, और अब यह जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का समय आ गया है।”

यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब ट्रूडो पर पार्टी और जनता दोनों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। उनकी यह घोषणा नेशनल कॉकस की बैठक से ठीक पहले की गई है, जहां उनके खिलाफ विद्रोह की संभावना जताई जा रही थी।

जस्टिन ट्रूडो ने 2015 में बड़ी उम्मीदों और वादों के साथ प्रधानमंत्री पद संभाला था। उनकी प्रगतिशील नीतियों और समावेशी दृष्टिकोण ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई। हालांकि, उनके कार्यकाल में कई विवाद भी सामने आए। अर्थव्यवस्था, आवास की बढ़ती कीमतें, और अप्रवासी मुद्दों ने उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।

हाल के वर्षों में उनकी लोकप्रियता में तेजी से गिरावट आई। बढ़ते खालिस्तानी प्रभाव, स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याएं, और संसद के भीतर उनकी नीतियों को लेकर बढ़ती नाराजगी ने उनके इस्तीफे की राह तैयार की।

पार्टी के भीतर दबाव

लिबरल पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, ट्रूडो की लीडरशिप पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सवाल उठाए थे। डिप्टी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड के इस्तीफे ने संकट को और गहरा दिया। फ्रीलैंड का इस्तीफा, जो उन्होंने बजट पेश करने से ठीक पहले दिया, पार्टी में आंतरिक विभाजन का प्रतीक था।

एक हालिया सर्वे के अनुसार, 73% कनाडाई नागरिक चाहते थे कि ट्रूडो पद छोड़ दें। इनमें 43% लिबरल पार्टी के समर्थक भी शामिल थे। ट्रूडो की नीतियों, खासकर आवास संकट और अप्रवासी मुद्दों पर उनकी असफलता, ने उनकी छवि को कमजोर किया।

लोगों का गुस्सा सड़कों पर भी देखने को मिला। कई कनाडाई नागरिकों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ट्रूडो ने देश को सही दिशा में नहीं ले जा पाए और अब उनके जाने का समय आ गया है।

ट्रूडो के इस्तीफे के बाद लिबरल पार्टी में नए नेता की खोज शुरू होगी। वित्त मंत्री डोमिनिक लीब्लैंक और अन्य वरिष्ठ नेता इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं। विपक्षी दल भी इस मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं, जिससे कनाडा की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा कनाडा के लिए एक नए युग की शुरुआत है। जहां एक तरफ उनकी नीतियां प्रगतिशील बदलाव का प्रतीक थीं, वहीं दूसरी तरफ कई अनसुलझे मुद्दे उनके कार्यकाल की चुनौतियां बनी रहीं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नया नेतृत्व कनाडा को किस दिशा में ले जाएगा।

कनाडा की राजनीति में यह पल ऐतिहासिक है और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देंगे।