Wednesday, 06 November 2024
Religious
इस साल कब मनाया जाएगा तुलसी विवाह, जानें अद्भुत योग और शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। तुलसी माता को वृंदा के रूप में पूजा जाता है और हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह का आयोजन होता है। इस दिन तुलसी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप के साथ विवाह संपन्न कराया जाता है। मान्यता है कि तुलसी विवाह से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है, और जिनका विवाह किसी कारणवश रुका हुआ है, उनके लिए भी यह अनुष्ठान शुभ माना जाता है।
तुलसी विवाह 2024 की तारीख और मुहूर्त -
इस वर्ष तुलसी विवाह 12 नवंबर, 2024 को देवोत्थान एकादशी के दिन मनाया जाएगा। द्वादशी तिथि का प्रारंभ 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे से होगा और इसका समापन 13 नवंबर को दोपहर 1:01 बजे होगा। तुलसी विवाह प्रदोष काल में ही किया जाता है, और इस दिन प्रदोष काल शाम 5:29 बजे से रात 7:53 बजे तक रहेगा। इस समय के दौरान तुलसी विवाह संपन्न किया जा सकता है।
विशेष संयोग और शुभ योग -
इस वर्ष तुलसी विवाह पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 12 नवंबर को सुबह 7:52 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग आरंभ होगा, जो अगले दिन 13 नवंबर को सुबह 5:40 बजे तक रहेगा। इस योग को किसी भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ माना जाता है।
- रवि योग: तुलसी विवाह के दिन रवि योग भी रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
- हर्षण योग और वज्र योग: तुलसी विवाह के दिन हर्षण और वज्र योग का भी संयोग बनेगा, जिससे इस दिन की पवित्रता और बढ़ जाएगी।
तुलसी विवाह का महत्व और विधि -
तुलसी विवाह के दिन, तुलसी माता को दुल्हन की तरह सजाकर शालिग्राम स्वरूप के साथ विवाह कराया जाता है। इस दिन तुलसी के पत्तों का पूजा में विशेष स्थान होता है। यह विवाह करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए अनुष्ठान कुंवारे व्यक्तियों के विवाह संबंधी अड़चनों को भी दूर करते हैं।
When will tulsi vivah be celebrated this year, know the wonderful yoga and auspicious time