Tuesday, 25 March 2025
Health
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से सहयोग करने और टीबी के लक्षण वाले लोगों से जांच कराने की अपील की गई
विश्व टीबी दिवस पर लोगों को जागरूक किया
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से सहयोग करने और टीबी के लक्षण वाले लोगों से जांच कराने की अपील की गई
आदमपुर (24-03-2025): देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए लोगों को अधिक जागरूक करने तथा संदिग्ध मरीजों की जांच करने की जरूरत है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सोमवार को सीएचसी आदमपुर में विश्व टीबी दिवस मनाया गया। सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल के दिशा-निर्देशों और सीएचसी आदमपुर के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में सीएचसी के ओपीडी परिसर में बीईई चंदन मिश्रा व पिम्स अस्पताल के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने लोगों को टीबी रोग के लक्षण व उपचार के बारे में विस्तार से बताया तथा टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान में सहयोग देने की अपील भी की।
एसएमओ डॉ. राज कुमार ने कहा कि विश्व टीबी दिवस हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। इस वर्ष यह और भी विशेष है क्योंकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए 100 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संदिग्ध टीबी रोगियों की पहचान की तथा उनका बलगम परीक्षण और छाती का एक्स-रे करवाया, ताकि आबादी में टीबी रोगियों की पहचान करके उनका उपचार शुरू किया जा सके।
बीईई चंदन मिश्रा ने बताया कि टीबी के सामान्य लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून आना, शाम को बुखार आना, अचानक वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल है। ऐसे लक्षण वाले मरीजों को बलगम जांच और छाती का एक्स-रे कराने के लिए अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। जब मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो विभाग द्वारा मुफ्त इलाज शुरू कर दिया जाता है। छह महीने का दवा का कोर्स पूरा करने के बाद मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है।