शक्ति की देवी दुर्गा मां की पूजा से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है और भक्तगण उनके निमित्त व्रत रखते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि व्रत करने वाले भक्तों के लिए कुछ विशेष नियम निर्धारित होते हैं जिनका पालन करना आवश्यक माना गया है। यहां जानिए नवरात्रि व्रत के प्रमुख नियम जिनका पालन भक्तों को अवश्य करना चाहिए:
नवरात्रि व्रत के नियम:
1. क्रोध और ईर्ष्या से दूर रहें: नवरात्रि व्रत के दौरान भक्त को क्रोध, मिथ्या और ईर्ष्या से बचना चाहिए। किसी भी गरीब या मजबूर व्यक्ति को सताना वर्जित माना जाता है।
2. झूठ से बचें: व्रत रखने वाले जातकों को झूठ बोलने से बचना चाहिए और किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए।
3. कन्याओं और महिलाओं का सम्मान करें: नवरात्रि में कन्याओं और महिलाओं का अपमान न करें। मां दुर्गा किसी भी रूप में आ सकती हैं और खासतौर पर कन्याओं की पूजा का विशेष महत्व है।
4. ब्रह्मचर्य का पालन करें: नवरात्रि के व्रत में पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और दिन में सोने से बचना चाहिए। सात्विक जीवन शैली अपनाना आवश्यक है।
5. तामसिक चीजों से परहेज: व्रत के दौरान पान मसाला, गुटका, मसालेदार भोजन, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
6. फलाहारी भोजन: नवरात्रि के व्रत में केवल एक बार फलाहारी भोजन करना चाहिए। नमक और अन्न का सेवन न करें और बार-बार पानी पीने से भी बचें।
7. मां दुर्गा की विधिवत पूजा: व्रत के दौरान हर दिन मां दुर्गा की पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए।
8. घर को अकेला न छोड़ें: व्रत के दौरान घर को खाली छोड़कर कहीं दूर नहीं जाना चाहिए।
9. व्रत को अधूरा न छोड़ें: नवरात्रि व्रत को बीच में अधूरा छोड़ना अशुभ माना जाता है। यदि संकल्प लिया है तो पूरे नौ दिन का व्रत पूरा करें।
10. व्रत का उद्यापन करें: नवरात्रि व्रत के समापन पर अष्टमी या नवमी के दिन व्रत का उद्यापन अवश्य करें।
इन नियमों का पालन करते हुए नवरात्रि व्रत करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
Follow these rules during shardiya navratri and you will get blessings of maa durga
















