जालंधर: राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने हाल ही में जालंधर का दौरा किया, जहां उन्होंने पंजाब केसरी परिवार से मुलाकात की। उनके इस दौरे का उद्देश्य न केवल परिवार से व्यक्तिगत तौर पर जुड़ाव था, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर संवाद भी था।
चोपड़ा परिवार ने अपने निवास पर बाबा जी का स्वागत बड़ी गर्मजोशी से किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान बाबा जी ने डेरा ब्यास द्वारा किए जा रहे समाज सेवा के कार्यों की चर्चा की और बताया कि किस तरह से यह संस्था न केवल पंजाब बल्कि देश-विदेश में सेवा भाव के उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
श्री विजय चोपड़ा, जो कि पंजाब केसरी ग्रुप के मुख्य संपादक हैं, ने बाबा जी की उपस्थिति को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा, “बाबा गुरिंदर सिंह जी रूहानियत और सेवा भाव के प्रतीक हैं। डेरा ब्यास ने अपने सेवा कार्यों से देश और विदेश में एक मिसाल कायम की है।”
डेरा ब्यास द्वारा कोरोना काल में निभाई गई भूमिका को भी श्री चोपड़ा ने विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल समय में संस्था ने जरूरतमंदों को भोजन, चिकित्सा और अन्य सहायता प्रदान कर मानवता की सच्ची मिसाल पेश की।
इस मुलाकात के दौरान आध्यात्मिक विषयों पर विशेष चर्चा हुई। बाबा जी ने इस बात पर जोर दिया कि मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है। उन्होंने डेरा ब्यास की गतिविधियों का जिक्र करते हुए बताया कि संस्था कैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रही है।
पारिवारिक जुड़ाव और आभार
चोपड़ा परिवार ने बाबा जी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निवास पर आकर बाबा जी ने जो अपनापन दिखाया, वह उनके लिए बेहद खास है। परिवार ने इस मुलाकात को एक आध्यात्मिक अनुभव बताया, जिसने उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा दी।
बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का यह दौरा समाज सेवा और आध्यात्मिकता के संगम का एक अनूठा उदाहरण है। उनकी उपस्थिति ने न केवल चोपड़ा परिवार बल्कि जालंधर के लोगों को भी प्रेरित किया। यह मुलाकात इस बात की पुष्टि करती है कि रूहानियत और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
इस दौरे से यह स्पष्ट हो गया कि डेरा ब्यास की सोच और दृष्टिकोण न केवल धर्म तक सीमित है, बल्कि यह मानवता की सेवा को प्राथमिकता देता है।
















