टोकुनोशिमा, जापान:
कला और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे मेल का प्रतीक बनकर जापान के टोकुनोशिमा तट से पाँच मीटर नीचे पानी के भीतर एक भव्य मूर्तिकला ‘ओशन गाइया’ (Ocean Gaia) का अनावरण किया गया है। यह 14 अक्टूबर 2025 को स्थापित की गई और इसका वजन लगभग 45 टन है। यह मूर्तिकला ब्रिटिश कलाकार जेसन डीकेयर्स टेलर (Jason deCaires Taylor) की जापान में बनाई गई पहली पानी के नीचे की कलाकृति है।
कला और प्रकृति का संतुलन
‘ओशन गाइया’ का डिज़ाइन मशहूर मॉडल और स्कूबा डाइवर किको मिज़ुहारा (Kiko Mizuhara) से प्रेरित है। यह मूर्तिकला आधुनिक नारीत्व, सौंदर्य, सद्भाव और मानवता तथा महासागर के बीच गहरे रिश्ते को दर्शाती है। इसे विशेष समुद्री-ग्रेड pH-तटस्थ सामग्री से तैयार किया गया है, जिससे यह एक कृत्रिम चट्टान (Artificial Reef) की तरह काम करती है।
जीवित पारिस्थितिकी तंत्र की ओर कदम
इस मूर्तिकला का सबसे खास पहलू इसका पर्यावरणीय उद्देश्य है। इसकी संरचना में ऐसे छिद्र और बनावट हैं जो समुद्री जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। आने वाले समय में यह मूर्तिकला एक जीवित पारिस्थितिकी तंत्र में बदल जाएगी, जो मूंगे (Coral) के विकास और समुद्री जैव विविधता को बढ़ावा देगी।

लहरों के नीचे पुनर्जन्म का प्रतीक
जेसन टेलर, जिन्होंने कैरिबियन, मेक्सिको और ऑस्ट्रेलिया में भी कई पानी के नीचे के संग्रहालय बनाए हैं, ने ‘ओशन गाइया’ को “लहरों के नीचे पुनर्जन्म का प्रतीक” बताया। यह कलाकृति न केवल पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि समुद्री जीवन के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
कला से पर्यावरण की रक्षा
‘ओशन गाइया’ इस बात का प्रमाण है कि कला सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का सशक्त साधन भी बन सकती है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि जब कला और विज्ञान मिलते हैं, तो सृजन सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि सार्थक भी होता है।
















